सोलन में नहीं थम रहा पीलिया
स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पीलिया के मामले नहीं थम रहे हैं। अभी भी शहर सहित साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों से रोज एकादुका केस पीलिया का सामने आ रहे हैं। पीलिया के जोखिम के बीच सोलन अस्पताल में एक्स-रे फिल्म की कमी आन पड़ी है। इसके चलते मरीज को एक्स-रे के बजाए रिपोर्ट मिल रही है। इस कारण डॉक्टर भी एक्सरे नहीं देख पा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अस्पताल स्थित क्रस्ना लैब में एक्स-रे फिल्म की सप्लाई नहीं आई है। इस कारण समस्या खड़ी हुई है। राहत की बात है कि सभी मामले अलग- अलग जगहों से हैं। इसलिए स्थिति को खतरनाक नहीं माना गया है। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग अब बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों जैसे मोमोस, चाट-पपड़ी, गोलगप्पे के सेवन से परहेज करने की सलाह दी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बांवडिय़ों का पानी न पीने की सलाह दी जा रही है। यदि जरुरी हो तो कम से कम 20 मिनट तक उबाले पानी का ही सेवन करें। राहत की बात है कि सोलन अस्पताल में फिलहाल नगर निगम से दायरे से पीलिया के रोगी सामने नहीं आ रहे हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पीलिया को लेकर अलर्ट पर है।
पुणे भेजे गए पानी के सैंपल सही पाए गए
पीलिया के मामले सामने आने के बाद जल शक्ति विभाग की तरफ जांच के लिए पुणे भेजे अश्वनी पेयजल योजना के सैंपल सही पाए गए हैं। इससे बंद पड़ी पेयजल योजना से अब सोलन शहर के लिए पानी की लिफ्टिंग शुरू हो जाएगी। पेयजल योजना बंद होने से शहर के कई क्षेत्रों में पानी की कमी होने लगी थी। जल शक्ति विभाग सोलन के एसडीओ ऐन सिंह ने बताया कि पुणे भेजे गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट सही आई है, अब बंद पड़ी अश्वनी पेयजल योजना से पानी की लिफ्टिंग शुरू हो गई है। पानी के सैंपल पास होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग पीलिया के मामलों को लेकर अलर्ट पर है। जनवरी महीने में अस्पताल में अब तक करीब 109 पीलिया के केस सामने आ चुके हैं। इसमें अधिकतर सोलन के आसपास के हैं। अस्पताल में कथेड़, बावरा, चंबाघाट, कोटलानाला, कलीन और आनंद विहार सहित कुमारहट्टी, नौणी और बसाल से पीलिया के मामले सामने आ चुके हैं।