पीलिया के रोगी बढऩे से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जनवरी महीने में सोलन अस्पताल में अचानक पीलिया के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सहित नगर निगम और जल शक्ति विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि नगर निगम सोलन और जलशक्ति विभाग की तरफ जांच के लिए पुणे भेजे सैंपल पास हुए हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग पीलिया के मामलों को लेकर अलर्ट है। बता दें कि जनवरी महीने में अस्पताल में अब तक करीब 42 पीलिया के केस सामने आ चुके हैं। इसमें अधिकतर सोलन के आसपास के हैं। अस्पताल में कथेड़, बावरा, चंबाघाट, बसाल, कोटलानाला, कलीन और आनंद विहार से पीलिया के रोगी उपचार के लिए आए। नगर निगम की तरफ से जनवरी महीने के शुरू में अश्विन और गिरि पेयजल योजना से मिल रहे पानी के सैंपल जांच को पुणे लैब भेजे थे, जो कि सही पाए गए हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि शहर में पीलिया की दस्तक किस कारण से हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पीलिया के मामले अलग-अलग जगहों से आ रहे हैं। इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है।
नगर निगम ने जारी की एडवाइजरी
शहरवासियों से एहतियातन पानी को उबालकर या फिर फिल्टर कर पीने की अपील की है, ताकि पीलिया जैसी बीमारी पर अंकुश लगाया जा सके। निगम की ओर से इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी की गई है। पानी को उबालकर या फिल्टर कर पीने की सलाह दी गई है, ताकि पीलिया व अन्य किसी भी जल जनित बीमारी से बचा जा सके। हालांकि सैंपल पास होना शहरवासियों के लिए भी राहत भरी खबर है। पीलिया के मामले सामने आने के बाद निगम व विभाग की ओर से शहर में की जाने वाली पेयजल सप्लाई के सैंपल भरे गए थे और उन्हें एनआईवी लैब पुणे भिजवाया गया था। इन सैंपलों की रिपोर्ट अब निगम के पास पहुंच गई है, जिसमें भी पानी में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। यह पानी के सैंपल लैब टेस्ट में पास हो गए हैं। सैंपलों के पास होने पर जहां निगम व विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
हाइजीन का ख्याल रखने के निर्देश
निगम कमिश्नर की ओर से जारी की गाईडलाइन में शहर के लोगों से स्वच्छ पानी व हाइजीन का ख्याल रखने के निर्देश दिए गए हैं। जारी एडवाइजरी में उन्होंने स्पष्ट किया है कि सैंपल की रिपोर्ट सही आने के बावजूद भी लोग पानी को उबाल कर या फिल्टर कर पीएं, स्ट्रीट वेंडर्स व अज्ञात स्रोत से उपलब्ध पानी को न पीएं। खाना बनाने या खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं, अपने वाटर स्टोरेज टैंक को नियमित तौर पर साफ करवाएं, घर से सही तरीके से गारबेज व पानी की निकासी करें। बिना ढका हुआ व अधपका खाना खाने से बचें, फल व सब्जियों को धोने के बाद ही इस्तेमाल करें। निगम के किसी भी एरिया में पानी के दूषित होने या लीकेज के संबंध में निगम को सूचित करें, अपने परिवार व सोसायटी में स्वच्छ जल के प्रति लोगों को जागरूक करें।