बंगाणा के लोहड़ी पर्व को मिला जिला स्तरीय दर्जा
लोहड़ी के पावन पर्व पर और बंगाणा प्रशासन द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि विवेक शर्मा ने परंपरागत रूप से तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक और मूंगफली की अग्नि में आहुति देकर की। इस मौके पर विधायक विवेक शर्मा ने क्षेत्रवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और आयोजकों को ऐसे भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में विशेष रूप से नवविवाहित जोड़ों को बुलाया गया। नवविवाहित जोड़ों के द्वारा इस कार्यक्रम को खास बनाया गया। जोड़ों ने अग्नि के चारों ओर परंपरागत चक्कर लगाते हुए सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। इसके पश्चात माननीय विधायक विवेक शर्मा के द्वारा नवविवाहित जोड़ों को उपहार में मूंगफली और रेवड़ी दी गई। इसके लिए उन्होंने ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त किया। बंगाणा लोहड़ी उत्सव बड़े धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। यह उत्सव न केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों को एक साथ लाने का भी एक माध्यम है। इस बार का आयोजन बेहद खास रहा, जिसमें प्रसिद्ध गायक धीरज शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया और स्थानीय विधायक विवेक शर्मा ने अपने विचारों से जनता को प्रेरित किया। लोहड़ी उत्सव के मंच पर जब धीरज शर्मा ने कदम रखा, तो पूरा पंडाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। अपने सुरों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले धीरज शर्मा ने एक के बाद एक लोकगीत और लोकप्रिय गाने प्रस्तुत किए। उनकी गायकी ने न केवल युवाओं, बल्कि बुजुर्गों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया। धीरज ने पारंपरिक लोकगीतों के साथ-साथ बॉलीवुड के प्रसिद्ध गानों को भी अपनी आवाज में प्रस्तुत किया, जिसने हर आयु वर्ग के लोगों का दिल जीत लिया। धीरज शर्मा ने 'सुंदर मुंदरिए' जैसे पारंपरिक गीतों से शुरुआत की, जो लोहड़ी के उत्सव की पहचान है। इसके बाद उन्होंने 'पंजाब की मिट्टी' पर आधारित एक गाना प्रस्तुत किया, जिसने क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया। धीरज की आवाज में वह जादू था, जिसने हर किसी को अपने साथ जोड़े रखा। उन्होंने एक संदेश भी दिया कि सांस्कृतिक उत्सव न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि ये हमारे इतिहास और परंपराओं को सहेजने का भी जरिया हैं। इस भव्य आयोजन के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक विवेक शर्मा थे, जिन्होंने अपने भाषण में क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की बातों को प्रमुखता दी। विवेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति और सामूहिकता का प्रतीक है। ऐसे उत्सव हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। विधायक ने अपने क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने बंगाणा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित किया। अपने भाषण के दौरान विधायक ने महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया और कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है, जब महिलाओं को समान अवसर और अधिकार दिए जाएं। उन्होंने सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया, जिनका लाभ विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को मिलेगा। हिमाचली गायक धीरज शर्मा और विधायक विवेक शर्मा ने यारा तेरी यारी फिल्मी गाने से मंच पर खूब समय बांधा और पंडाल से खूब वाहवाही लूटी। वहीं, स्थानीय कलाकारों ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। भांगड़ा जैसे पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जो लोहड़ी के उत्सव का मुख्य आकर्षण हैं। बच्चों ने भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने लोहड़ी की कहानी और इसके महत्व को रेखांकित किया। आयोजन स्थल को पारंपरिक ढंग से सजाया गया था, जिसमें लोहड़ी की आग और उसके चारों ओर जमा हुई भीड़ ने इस उत्सव को जीवंत बना दिया। लोगों ने गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और मक्की की रोटी के साथ सरसों का साग का आनंद लिया, जो इस पर्व की खासियत है। ये रहे मौजूद : इस मौके पर विधायक की पत्नी मृदु शर्मा, प्रदेश कांग्रेस सचिव देशराज मोदगिल, प्रदेश कांग्रेस सचिव देशराज गौतम, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा, तहसीलदार बंगाणा अमित शर्मा, थाना प्रभारी रोहित चौधरी, खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार, जोगिंद्र आर्य, विपिन कुमार, अजय कुमार के साथ विभिन्न पंचायतों से प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सचिवों के साथ भारी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही।
स्थानीय कलाकारों ने भी बांधा समा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध हिमाचली गायक धीरज शर्मा और मोहित गर्ग की शानदार प्रस्तुति रही। उनकी सुरीली आवाजों ने न केवल दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया, बल्कि पूरे कार्यक्रम को संगीतमय बना दिया। इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों ने अपनी गायन और नृत्य प्रतिभा से सभी का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और समाज में संस्कृति व परंपराओं के महत्व को उजागर करना था, जो पूरी तरह से सफल रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर इसका आनंद उठाया।