निराश्रित बच्चों को मिलेगा एक्सपोजर विजिट का मौका
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत बिलासपुर जिले के 31 चयनित निराश्रित बच्चों को एक विशेष एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जाएगा। इस यात्रा को प्रदेश सरकार के नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्मानी 23 जनवरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह यात्रा बच्चों को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक स्थलों से परिचित कराएगी, जिससे उनकी शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास में मदद मिलेगी। इस दौरान उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि इस योजना के तहत 17 निराश्रित बच्चों को अमृतसर और जालंधर की दो दिवसीय यात्रा पर भेजा जाएगा। इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख स्थल जैसे वाघा बॉर्डर, हरमंदिर साहिब और जलियांवाला बाग का दौरा कराना है। इन स्थलों पर जाकर बच्चे भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित होंगे। इसके साथ ही बच्चों को कपूरथला स्थित एके गुजराल साइंस सिटी का भी दौरा कराया जाएगा, जहां वे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नवीनतम पहलुओं से परिचित होंगे। 14 दिव्यांग बच्चों को मां नैना देवी के दर्शन के लिए ले जाने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर निराश्रित और अनाथ बच्चों, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के कल्याण में सहयोग करना है। बच्चों को मिली नई दिशा मुख्मंयत्री सुखाश्रय योजना के तहत किए जा रहे इस एक्सपोजर विजिट से बच्चों को नई दिशा मिल रही है। यह यात्रा उन्हें न केवल शैक्षिक दृष्टिकोण से, बल्कि उनके आत्मविश्वास और मानसिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगी। इससे बच्चों में सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोणों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे जीवन में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार होंगे। यह योजना बच्चों को उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।