भागवत को जीवन में उतारने की जरूरत: इंद्रेश महाराज
स्थानीय बाबा बाल आश्रम कोटला कलां में चल रही भागवत कथा में तीसरे रोज कथा व्यास इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से सब संकट मिट जाते हैं। भागवत श्रवण से मनुष्य के पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। इसका लाभ उनको होता है जो भागवत को सुनकर अपने जीवन में उतारते हैं। इससे पहले बाबा बाल जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को प्रवचनों से निहाल किया। इस अवसर पर माधवानंद जी, किशोर जी आदि उपस्थित रहे। इससे पहले उन्होंने ऊना में पत्रकारों से बातचीत में संसार में दैवीय शक्तियां सतयुग से हैं। भारत में कुछ लोगों में वास्तविक रूप से दैवीय शक्तियां मौजूद हैं, लेकिन कुछ लोग पाखंड फैलाने के लिए जबरदस्ती का आडंबर रचते हैं। वृंदावन से पधारे कथाव्यास इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि केवल दैवीय शक्तियों में ही नहीं कथा जगत, साधु वेश में भी पाखंड करते हैं। लोगों के मन में अपनी आस्था बनाने के लिए भोले-भाले लोगों को सताते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में अभी दैवीय शक्तियों से युक्त मानव भी हैं, लेकिन वे चंद लोग ही है। लोगों को वास्तविक और पाखंड वालों की पहचान करने में सक्षम होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवों के देव महादेव का ससुराल है। देवभूमि में 33 कोटि के देवी-देवताओं का वास है। हिमाचल में आधुनिक प्रवेश कम है।