श्रद्धालुओं ने चंद्रभागा संगम में माइनस 15 डिग्री में लगाई आस्था का डुबकी
प्रदेश के शीत मरुस्थल लाहौल-स्पीति की पट्टन घाटी में नववर्ष के उपलक्ष्य पर उत्तना पर्व धूमधाम से मनाया गया। चंद्रभागा संगम में लोगों ने शून्य से 15 डिग्री नीचे तापमान में आस्था का डुबकी लगाई तथा एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई दी। गोशाल के ग्रामीणों जितेंद्र शाशनी ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हाड़ कंपा देनी वाली ठंड में पवित्र चंद्रभागा संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इनका यह स्नान इंटरनेट में खूब वायरल हुआ। मान्यता है कि इस पर्व के बाद लाहौल की विभिन्न घाटियों में शीत ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहार शुरू हो जाते हैं। यहां की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, जनजीवन, भाषा, संस्कृति, परंपराएं, खान-पान, रीति-रिवाज और वेशभूषा हरेक त्योहार को आकर्षक और अनुपम बनाती है, जबकि उत्तना पर्व के दिन घाटी के लोग सत्तू का बना टोटू (स्थानीय व्यंजन) बनाकर अपने-अपने ईष्ट देवताओं को चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं। हिंदू बाहुल्य पट्टन घाटी में उत्तना पर्व के बाद सभी देवीदेवताओं के मंदिरों के कपाट तीन महीने के लिए बंद हो गए। अब चैत्र महीना शुरू होने के बाद ही इन मंदिरों के कपाट खुलेंगे। ग्रामीण रणवीर, सुरेश, जगदीश व राजेश ने बताया कि घाटी वासियों ने नव वर्ष (उत्तना पर्व) को धूमधाम से मनाया। इस दौरान घाटी में खुशहाली और समृद्धि की देवीदेवताओं से मंगल कामना की गई। घाटी के मालंग, मेलिग, शांशा, सिस्सू, उदयपुर मारबल, जालमा, त्रिलोकनाथ, गोंधला और सिस्सू में दो माह उत्सवों की धूम रहेगी। घाटी वासी हर्षोल्लास से हालडा, फागली, लोसर तथा योर जैसे उत्सवों को धूमधाम से मनाएंगे।