मृतक राजेंद्र मल्होत्रा की पत्नी व घायल सचिन के माता-पिता ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
पुलिस थाना डलहौजी के अंतर्गत बनीखेत के एक निजी होटल में नए साल के जश्न में मारपीट कांड में मृतक राजेंद्र मल्होत्रा की दुखद मौत पर शुक्रवार को मृतक की पत्नी राधा मल्होत्रा ने प्रेस वार्ता कर हिरासत में लिए पुलिस वाले अमित एवं अणु पर कड़ी कार्रवाई तथा उम्र कैद की मांग की है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वारदात की मध्य रात्रि को नए साल का जश्न लगभग खत्म हो चुका था और मेरे पति अपने कमरे में जाकर सो चुके थे। मेरी वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बात भी हुई किंतु ठीक कुछ समय बाद मुझे फोन के माध्यम से सूचित किया गया कि आपके पति बुरी तरह से घायल हो गए हैं। यह सारा प्रकरण एक सोची समझी साजिश थी, जिसका शिकार मेरे पति राजेंद्र मल्होत्रा तथा उनके सहायक सचिन ठाकुरको बनाया गया उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर अंगुली उठाते हुए कहा कि पुलिस ने वारदात के समय पार्किंग लाइट का बंद होना, मध्य रात्रि के बाद पुलिस वालों का होटल परिसर में बेवजह आना, आकर होटल प्रबंधन के साथ बेवजह गाली-गलौज करना ऐसी कई बातें हैं, जो पुलिस कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाती हैं। होटल कर्मी सुभाष अपने बयानों को कई बार बदल चुका है, कहीं न कहीं उसे पर भी संदेह पैदा होता है जिसे पुलिस साफ तौर पर नकारती जा रही है।
प्रदेश सरकार गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए
मृतक राजेंद्र के बुजुर्ग माता-पिता का जवान बेटे की हुई मौत से बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र उनका सबसे छोटा बेटा उनके जिगर का टुकड़ा था। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके बेटे की हुई इस मौत के ज्मिेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि औरों को भी इस बात का सबक मिले। राजेंद्र की मौत ने उन्हें न मिटने वाला दर्द दे दिया है जो उनके जीते जी कभी दूर नहीं होगा।
आरोपियों को बचा रही पुलिस
मामले में गंभीर रूप से हुए घायल सचिन के माता-पिता तथा पत्नी ने भी पुलिस प्रशासन पर आरोप जड़ा है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का भरसक प्रयास कर रही है, जो हमें मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस अगर इस सारे मामले पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो वह धरना-प्रदर्शन तथा अमरण अनशन पर से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से इस सारे मामले पर सीबीआई जांच की भी मांग की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस पर उन्हें कतई भी भरोसा नहीं रहा है क्योंकि जहां रक्षक ही भक्षक बन बैठे हो, उन पर कैसे विश्वास किया जा सकता है।