गुरु रविदास ने जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई: टंडन
संत रविदास के जन्म के दौरान हमारे देश में रूढि़वादिता, अंधविश्वास, आडंबर और धर्म व जातिपाति को लेकर काफी भेदभाव था। उन्होंने समाज से इन कुरीतियों को खत्म करके आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए भक्ति आंदोलन के मार्ग को अपनाया। उनकी गिनती भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में होती थी। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं हिमाचल भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन ने कही। टंडन ने गुरु रविदास जयंती पर सेक्टर 39 की गवर्नमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उनके साथ निगम महापौर हरप्रीत कौर बबला, वरिष्ठ उप महापौर जसबीर सिंह बंटी, स्थानीय पार्षद गुरबख्श कौर रावत, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दविंदर सिंह बबला आदि भी उपस्थित थे। कार्यक्रम एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह कनेर और महामंत्री बाबू लाल राम ने बताया कि माघ पूर्णिमा के पावन दिवस पर हर वर्ष गुरु रविदास की जयंती होती है। इसी दिवस के उपलक्ष्य में एसोसिएशन द्वारा श्री सुखमणि साहिब के पाठ का आयोजन किया गया था, जिसमें उपरोक्त सभी गणमान्य लोगों के साथसाथ अन्य सैकड़ों लोगों ने पवित्र श्री गुरु ग्रन्थ साहिब पर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान अटूट लंगर का भी आयोजन किया गया था। इस मौके पर संबोधित करते हुए संजय टंडन ने सभी को सर्वप्रथम इस पावन अवसर की बधाई प्रदान की और कहा कि गुरु रविदास ने भक्ति मार्ग को अपनाकर भगवान की भक्ति को सर्वश्रेष्ठ बताया और निष्काम प्रेम तथा सेवा पर बल दिया। उन्होंने जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और अपने काव्य के माध्यम से लोगों को झूठे ढोंग, आडंबरों और रूढि़वादिता से निकलने की शिक्षा प्रदान की। उनकी शिक्षाओं से हमें समाज में समानता, प्रेम, भक्ति और सादगी का महत्व को बढ़ाना चाहिए। इस मौके पर महापौर हरप्रीत कौर बबला ने सभी लोगों को बधाई प्रदान करते हुए कहा कि गुरु रविदास ने अपना जीवन सादगी और लोगों को जागरूक बनाने के लिए व्यतीत किया। उन्होंने विभिन्न काव्यों के माध्यम से झूठ पर प्रहार किया और लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान की।