मंडी-पंडोह फोरलेन 30 जून तक होगा तैयार, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद काम में आई तेजी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद आखिरकार मंडी-पंडोह फोरलेन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अदालत के निर्देशों के अनुसार, यह परियोजना 30 जून तक पूरी होने की उम्मीद है। हाईकोर्ट ने 18 जनवरी को दिए गए आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था, जिसके बाद प्रतिवादियों ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी दी।
अदालत में पेश हुए कंपनी के प्रोजेक्ट निदेशक
मामले की सुनवाई के दौरान निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट निदेशक पृथ्वी रेड्डी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने जिला मंडी के कानूनी सेवा प्राधिकरण सचिव को दो महीने के भीतर निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी।
पुल निर्माण और सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
निर्माण कंपनी की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि मंडी-पंडोह फोरलेन के पुल के दोनों छोर मई से पहले जोड़ दिए जाएंगे। साथ ही, अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि जनता और वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार सड़क को अस्थायी रूप से बंद किया जाए। विशेष रूप से नेरचौक से पंडोह तक फोरलेन कटिंग और ब्लास्टिंग कार्य के दौरान कोई दुर्घटना न हो, इसका प्रशासन को विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
राज्य सरकार और एनएचएआई को रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश
अदालत ने हिमाचल सरकार को 24 दिसंबर के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और इस पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। वहीं, एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने राज्य सरकार को अब तक 11 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। परियोजना के तहत अब तक 21 किलोमीटर सड़क निर्माण में 7.2 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यह बहुप्रतीक्षित फोरलेन परियोजना आखिरकार पूरी होने की दिशा में बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र के लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।