शिमला में दो दिनों में दो युवकों की संदिग्ध मौत, नशे की ओवरडोज की आशंका
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे से मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दो दिनों के भीतर दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें नशे की ओवरडोज का संदेह जताया जा रहा है। मंगलवार को खलीनी इलाके में एक युवक अपने कमरे में मृत पाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। इससे पहले 39 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए आईजीएमसी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। आईजीएमसी के डॉक्टरों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिट्टे (हेरोइन) के सेवन के सबूत मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चिट्टे की अधिक मात्रा लेने से शरीर के आंतरिक अंग फेल हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति की जान चली जाती है। मृतक युवक शहर के एक उपनगर का रहने वाला था, और उसकी मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शिमला में एक सप्ताह के भीतर चिट्टे की ओवरडोज से मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले समिट्री इलाके के एक निर्माणाधीन भवन में एक युवक अचेत अवस्था में मिला था, जिसकी प्रारंभिक जांच में भी नशे की अधिक मात्रा लेने से मौत की पुष्टि हुई थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जो मृतक के साथ नशे का सेवन कर रहे थे, लेकिन उसकी हालत बिगड़ने पर मौके से फरार हो गए। शिमला में तेजी से बढ़ रहे नशे के मामलों ने पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।