नशा माफिया की तीन वर्ष में 16 करोड़ की संपत्ति जब्त
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल (डॉ.) धनी राम शांडिल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में नशे को रोकने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठा रही है तथा राज्य पुलिस अन्य सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर नशे के अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान नशा माफिया के खिलाफ न तो कोई सख्त कार्रवाई की गई और न ही कोई सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के पूरे पांच साल के कार्यकाल में पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट लंबित रहा, जबकि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही मात्र चार महीनों के भीतर इसकी अधिसूचना जारी कर दी और नशा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू की। उन्होंने कहा कि यह कानूनी प्रावधान उन लोगों को हिरासत में लेने की अनुमति देता है जो बारबार नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पाए जाते हैं, जिससे वे समाज की सुरक्षा को नुकसान न पहुंचा सकें। इस कानून के तहत अब तक प्रायोजक प्राधिकरण ने 81 केस प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पिछले छ: महीनों में पुलिस ने नशा माफिया की धरपकड़ तेज कर दी है, उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया है। पिछले तीन वर्षों में अवैध रूप से अर्जित 16 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें से लगभग 9 करोड़ रुपए की संपत्ति पिछले वर्ष जब्त की गई थी।
नशा निरोधक अधिनियम लाने पर हो रहा विचार
कर्नल (डॉ.) धनी राम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब 40 से 50 स्थलों की तलाशी ली गई ताकि नशे के तस्करों पर नकेल कसी जा सके। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं । स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार विधानसभा सत्र में हिमाचल प्रदेश नशा निरोधक अधिनियम लाने पर विचार कर रही है ।