15 से 28 फरवरी तक पर्यटन स्थल सिस्सू में पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिस्सू में अब 15 जनवरी से 28 फरवरी तक पर्यटन गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगी। जनजातीय जिला लाहौलस्पीति की तिनन घाटी की सिस्सू पंचायत की ओर से इस साल भी देव आदेश के बाद यह निर्णय लिया गया है। सिस्सू पंचायत के प्रधान राजीव ने बताया कि राजा घेपन कमेटी, देवी भोटी कमेटी, लबरंग गोंपा कमेटी, सिस्सू पंचायत के महिला व युवक मंडलों ने सर्वसम्मति से इस बार भी यह निर्णय लिया है कि 15 जनवरी से 28 फरवरी तक सिस्सू पंचायत के अंतर्गत सभी गांवों में पर्यटन से जुड़ी सभी गतिविधियां निषेध होंगी। इस संबंध में उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल डीसी लाहौल-स्पीति राहुल कुमार व एसडीएम केलांग रजनीश से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 15 से 28 फरवरी तक सिस्सू हैलिपेड की तरफ ट्रैफिक न भेजने का आग्रह किया, ताकि घाटी में कोई अनावश्यक शोर-शराबा न हो। स्थानीय पंचायत की ओर से बुधवार से देव आदेशानुसार यहां पर 15 जनवरी से 28 फरवरी तक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार इस बार भी घाटी में 15 जनवरी से 28 फरवरी तक तिनन घाटी में हालड़ा व पुणा उत्सव शुरू होने वाला है। उत्सव के दौरान देवीदेवता शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं करते हैं। देव आदेश के चलते पंचायत ने यह प्रस्ताव पारित किया है और इस बारे में जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। लिहाजा, पर्यटक अब 28 फरवरी तक सिस्सू में जाकर बर्फ में अठखेलियां नहीं कर पाएंगे।
पर्यटकों के बिना छाई रहेगी मायूसी
अक्तूबर-2020 में अटल टनल रोहतांग के खुलने के बाद लाखों की तादाद में पर्यटक सिस्सू नामक पर्यटन स्थल पर पहुंचते हैं और यहां की नैसर्गिक सुंदरता का आनंद लेते हैं और बर्फ का दीदार करते हैं। लाहौल-स्पीति का सिस्सू पर्यटन स्थल, अब देश भर के सैलानियों के लिए एक प्रसिद्ध सैरगाह बन चुकी है, जहां पर्यटक अटल टनल रोहतांग की सैर के साथ-साथ बर्फ देखने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार भी सिस्सू पंचायत ने देवताओं के आदेशानुसार यहां पर किसी भी तरह की गतिविधियां और शोर-शराबे पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके चलते अब एक माह से अधिक समय तक बिना पर्यटकों के यहां पर मायूसी छाई रहेगी।
मकर संक्रांति से देवता तपस्या में रहते हैं लीन
सिस्सू पंचायत प्रधान राजीव ने बताया कि पंचायत एक के अधीन आने वाले मंदिरों में मकर संक्रांति से देवता तपस्या में लीन रहते हैं। देवताओं की तपस्या में कोई खलल न पड़े इसको ध्यान में रखते हुए पंचायत द्वारा डीसी लाहौल-स्पीति को इस बार भी सिस्सू में पर्यटनात्मक गतिविधियों पर एक माह के लिए विराम लगाने का ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिए जाएंगे।