100 में से 7 वयस्क व्यक्ति मानसिक रोगी: डॉ. कर्ण
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चंबा की ओर से शुक्रवार को स्कूली छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या को रोकने के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपन ठाकुर ने बताया कि जिले में कुछ स्कूल के छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या को रोकने के लिए जागरूकता शिविर शुरू किए हैं, जिनके तहत आज राजकीय वरिष्ठ विद्यालय मंगला और चनेड़ के छात्रों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित हुए। इन शिवरों के लिए एक टीम गठित की गई है, जिसमें डॉ. कर्ण हितैषी चिकित्सा अधिकारी, छांगा राम ठाकुर एमईआइओ, दीपक जोशी बीसीसी को-ऑर्डिनेटर, सोनाक्षी मंडला को नियुक्त किया गया है। डॉ. कर्ण हितैषी ने बताया कि जागरूकता शिविरों में नौवीं कक्षा से लेकर बाहरवीं कक्षा तक के छात्रों से बात की गई है। छात्रों को मानसिक रोग, इसके लक्षण है और इससे किस प्रकार से बचा जा सकता है, इसके बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मानसिक अस्वस्थता के कारण ही व्यक्ति को बेरोजगार, बिखरे हुए परिवार, गरीबी, नशीले पदार्थों का सेवन और संबंधित अपराध का सहभागी बनना पड़ता है। आजकल हर 100 में से 7 वयस्क व्यक्ति किसी न किसी तरह के मानसिक रोग से पीडि़त हैं। उन्होंने मानसिक रोगों के कारणों का उल्लेख करते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पारिवारिक इतिहास, जीवन के अनुभव जैसे आघात या तकलीफ, जीवन में अवसाद रूपी वातावरण के कारण, बचपन का आघात लगने के कारण, तनावपूर्ण घटनाएं जैसे किसी प्रियजन को खोने के कारण, नकारात्मक विचारों के बढऩे के कारण, अनहेल्दी आदतों जैसे की पर्याप्त नींद ना लेना या खराब खान-पान की वजह से, ड्रग्स और अल्कोहल का दुरुपयोग से, एक लंबी बीमारी के उपचार के बाद किसी भी व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। डॉ. हितैषी ने मानसिक स्वास्थ्य को पत्र बनाने के उपाय भी बताए। उन्होंन कहा कि पॉजिटिव सोच रखें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहे, दूसरों की मदद करते रहें, प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक पर्याप्त नींद ले, हेल्दी डाइट ले खासकर मूड को बेहतर बनाने वाली चीजों को खाएं, शराब धूम्रपान और ड्रग्स से बचें, एक्सरसाइज और योग करें।