ईको टूरिज्म के तहत जिले की दो साइटों को किया जाएगा विकसित
वॉटर टूरिज्म के बाद अब बिलासपुर जिला को ईको टूरिज्म के तहत विकसित किया जाएगा। बिलासपुर जिला की बंदलाधार व बहादुरपुर धार को वन विभाग लीज पर देने जा रहा है। इस क्षेत्र को ईको टूरिज्म के तहत विकसित करने की प्लानिंग है। जिसको लेकर वन विभाग बिलासपुर ने इसकी सारी रिपोर्ट तैयार करके निदेशालय को भेज दी है। निदेशालय से हरी झंडी मिलने के बाद यहां पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस क्षेत्र के दोनों फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को भी लीज पर दिया जाएगा। बंदलाधार वैसे भी पैराग्लाइडिंग टेक आफ साइट की दृष्टि से विकसित हो रही है और लोगों को आनाजाना भी शुरू हो गया है। वन क्षेत्र में पाई जाने बंदलाधार को ट्रेकिंग स्थल व घूमने के स्थल की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। बहादुरपुर को ट्रेकिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना रहा है। दोनों स्थानों में वन विभाग के रेस्ट हाउस बने हुए हैं।
दोनों क्षेत्रों से जिले के चारों ओर को दिखता है नजारा
वहीं इन दोनों क्षेत्रों में जिले के चारों ओर को नजारा बहुत अच्छा दिखता है। गेस्ट हाउस के अलावा दोनों ही क्षेत्रों में अन्य कोई विशेष सुविधा नहीं है। अब इन साइटों की पैमाइश करके स्थान चयनित किया जाएगा और वहां पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। दोनों साइटों और गेस्ट हाउसों को लीज पर दिया जाएगा। लीज पर देने की मुख्य शर्त यह रहेगी कि यह साइटें इको टूरिज्म की दृष्टि से विकसित की जाएंगी। यहां बता दें इको टूरिज्म साइट पर इको फ्रेंडली संरचना वाले होटल, टेंट हाउस, इको फ्रेंडली पार्क, वाइल्ड सफारी सुविधाएं मुख्य रूप से दी जाती हैं। इको टूरिज्म या पारिस्थितिक पर्यटन, प्रकृति-आधारित पर्यटन का एक रूप है। इसका मकसद, पर्यटकों को कम प्रभाव वाले, गैर- उपभोगी, और स्थानीय रूप से उन्मुख वातावरण में आकर्षित करना होता है। इको टूरिज्म साइटों के निर्माण में टिकाऊ सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इन साइटों पर पर्यटकों के लिए पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं अपनाई जाती हैं।
ये हैं जरूरी निर्देश
-सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना।
-पानी की बोतल, शापिंग बैग और बर्तन साथ रखना।
-कचरे का निपटान करना।
-चिन्हित पगडंडियों पर चलना।
-वन्यजीवों को परेशान न करना।