राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में अल्ट्रासाउंड सेवा बाधित
राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड सेवाओं की बदहाली मरीजों के लिए चिंता का कारण बन गई है। अस्पताल में तीन अल्ट्रासाउंड मशीनें होने के बावजूद सिर्फ एक पुरानी मशीन से जांच की जा रही है, जिसकी गुणवत्ता पर मरीजों ने सवाल उठाए हैं। बाकी दो मशीनें पिछले तीन महीनों से खराब पड़ी हैं, लेकिन अब तक उन्हें ठीक नहीं किया गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें 500 से 1200 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच की सुविधा न मिलने से गरीब मरीज आर्थिक बोझ महसूस कर रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि हर मरीज को सही समय पर जांच की सुविधा मिल सके। कई बार गलत रिपोर्ट आने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे इलाज में देरी हो रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नई मशीनों की व्यवस्था की जाए और खराब पड़ी मशीनों को दुरुस्त किया जाए ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो मरीजों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, जिसकी वजह से लोगों का सरकारी अस्पतालों से विश्वास उठता जा रहा है।
अस्पताल में रोजाना हजारों मरीजों की पर्चियां बन रही : राधा
कृष्णन मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 1200 से 1400 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की संख्या अधिक होती है। रोजाना करीब 100 से 200 मरीजों को डॉक्टरों द्वारा अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा जाता है, लेकिन मशीनों की कमी के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है या फिर मजबूरी में निजी केंद्रों पर महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती है।
गर्भवती महिलाओं को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी
गर्भवती महिलाओं के लिए पहला अनिवार्य अल्ट्रासाउंड अस्पताल में किया जा रहा है, लेकिन अन्य जांच कराने के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है। गर्भावस्था के दौरान अलग-अलग महीनों में डॉक्टर द्वारा कई बार अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जाती है, लेकिन अस्पताल में सुविधा न होने के कारण वे निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसमें अधिक खर्च करने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए कठिनाई पैदा कर रही है, बल्कि सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल खड़े कर रही है।
जल्द होगा समस्या का समाधान: मेडिकल सुपरिंटेंडेंट
इस समस्या के बारे में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट अजय शर्मा ने बताया कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा और मरीजों को बहुत जल्द अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जाएगी।