दोषी अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई: विज
बिजली विभाग की गलती के कारण उपभोक्ताओं को मिल रहे भारी-भरकम बिलों को सरकार ठीक करवाएगी। यही नहीं गलत बिलों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। यह बात हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शून्यकाल के दौरान विधानसभा में कही। विधानसभा में कार्यवाही के दौरान नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने शून्यकाल में बिजली के बढ़े बिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि जो परिवार सामान्य तौर पर 400 से 500 रुपए बिजली के बिल नियमित रूप से भरते रहे हैं, उन्हें अब दो लाख, पांच लाख से लेकर 9 लाख रुपए तक के बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। यही नहीं, बिजली महकमा उनके बिल ठीक करने की बजाय, उनके कनेक्शन काट रहा है। इस सवाल का बिजली मंत्री अनिल विज ने जवाब दिया कि कुछ जगह ऐसे मामले बिजली के बढ़े बिलों के हैं। विधायक अपने हलके से संबंधित बिजली के बढ़े बिलों बारे उन्हें अवगत करवाएं, उन्हें ठीक कराने के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनआईटी फरीदाबाद से भाजपा विधायक सतीश कुमार फागना ने अपने क्षेत्र में पीने के पानी और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के साथ बच्चों की संख्या भी लगातार घट रही है। सरकार नई शिक्षा नीति को लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन स्कूलों में न तो शिक्षक हैं और न ही बच्चे हैं।
दादपुर-नलवी नहर मुद्दे पर कांग्रेस ने किया हंगामा
चंडीगढ़। हरियाणा की पूर्व मनोहर सरकार के समय में डीनोटीफाई की गई दादूपुर नलवी नहर के मुद्दे को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने विधानसभा में खूब हंगामा किया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्टी दिखाते हुए वॉकआउट भी किया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में कहा कि हरियाणा सरकार बहुत जल्द हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है। प्रश्नकाल के दौरान अंबाला सिटी से कांग्रेस विधायक निर्मल सिंह ने यह मुद्दा उठाया। सिंचाई मंत्री की ओर से संसदीय कार्य मामले मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने इसका जवाब दिया। विवाद बढऩे के बाद मुख्यमंत्री सैनी को भी दखल देना पड़ा। विवाद उस समय अधिक बढ़ गया, जब पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कांग्रेस के अन्य विधायकों ने इस संदर्भ में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा सरकार के खिलाफ दिए गए फैसले का उल्लेख किया।
बजट सत्र के शून्यकाल में विधायक पांच मिनट में रख सकेंगे अपनी बात
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन एक नई परंपरा की शुरूआत हुई। सदन के विधायक अब बजट सत्र के दौरान आयोजित होने वाले शून्यकाल में विधानसभा का सदस्य अब अपनी बात तीन के स्थान पर पांच मिनट में सदन में रख सकेगा। विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि लोकसभा की कार्यवाही के संचालन के दौरान भी कई बार समय के अनुसार नियमों में बदलाव किया गया है। हरियाणा विधानसभा में भी इसी तरह की परंपराएं चलती रही हैं। स्पीकर ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा विधानसभा का नियम है कि शून्यकाल के दौरान विधायक जब अपनी बात रखते हैं, तो उनके पास तीन मिनट का समय रहता है। इस कम समयावधि के दौरान विधायक अपनी बात को पूरी तरह से नहीं रख पाते हैं। ऐसे में संसदीय कार्यप्रणाली के सुधार कर नई प्रथा की शुरूआत की जा रही है।