एनएच मट्टनसिद्ध-भगेड़: निर्माण के समय तकनीकी खामी, अब बार-बार की परेशानी
चौड़ीकरण के समय निर्माण में रही तकनीकी खामी अब नेशनल हाईवे 103 के गले की फांस बन चुकी है। बारिश हल्की हो या ज्यादा? इस पर किया गया पैच वर्क हर बार बेरहमी से उखड़ता है। अब दो महीनों के बाद एक बार फिर इस सड़क मार्ग पर बड़े-बड़े हिचकोले शुरू हो चुके हैं। जगह-जगह से उखड़कर अब बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। वाहन चालक करें भी तो करें क्या? सड़क मार्ग इक्का-दुक्का जगह से उखड़ा हो तो कोई बात नहीं, जब पूरा सर्फेस ही जगह-जगह गड्ढों से भर जाएगा, तो फिर सवाल एक ही होगा, वाहन चालक रोड़ टैक्स क्यों जमा करवाएं? क्या नेशनल हाईवे की कोई जिम्मेदारी नहीं। बात हो रही है शिमला को जोडऩे वाले हमीरपुर से होकर जा रहे नादौन-भगेड़ रोड़ की है। इसका ज्यादातर हिस्सा गड्ढों से एक बार फिर लवालव भर चुका है। हमीरपुर से पीछे रंगस तक तकरीबन 15 किलोमीटर के सड़क मार्ग पर भी ज्यादातर जगहों पर अब गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं। इसके आगे नादौन तक तो काम टू-लेन का चल रहा है। उसकी हालत तो वैसे ही खराब है, लेकिन आगे का हिस्सा जो नेशनल हाईवे के सुपुर्द है। उसकी हालत भी यदि खराब हो चुकी हो, तो फिर हमीरपुर में बैठे इस नेशनल हाईवे के अधिकारी आखिर कर क्या रहे?
क्या कहते हैं प्रोजेक्ट डायरेक्टर
इधर, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्रम मीणा से बात नहीं हो पाई। वे पिछले दो दिनों से उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। फोन भी पिक नहीं कर रहे। यही सबसे बड़ी दिक्कत है।
तकनीकी खामी ने पसारे हैं पांव
दरअसल में 2017 में इस सड़क पर तकरीबन 287 करोड़ रुपए खर्च कर इसे चौड़ा किया गया था तब मौजूद चौड़ाई को तकरीबन टूलू से ज्यादा पक्का कर दिया गया था। खामी यह रही कि जब इसे खुला किया गया तो इसके निर्माण में ऐसी खामी रही, जो इस सब को अब जर्जर बनाए हुए हैं। सड़क को मुकम्मल तौर पर उखाड़ कर उसकी स्ट्रेंथनिंग बढ़ानी पडऩी थी। ऐसा हुआ नहीं जो चौड़ाई बढ़ी, उसे तो जैसे तैसे पक्का कर दिया, बीच की सड़क को भी उखाड़ कर नई सोलिंग बेरिंग होनी थी, वह प्रॉपर हुई नहीं। अब इसीलिए ट्रैफिक लोड के बढऩे और भारी भरकम वाहनों की आवाजाही के अलावा सड़क का रूप-स्वरूप बरसात के पानी के हिसाब से डिजाइन नहीं हो पाया। लिहाजा सड़क बार-बार उखड़ रही है। दो माह पहले पैच वर्क हुआ, लेकिन अब सब साफ हो गया है, क्योंकि सड़क मुकम्मल तौर पर जगह-जगह से टूट चुकी है।
मट्टनसिद्ध-भगेड़ 40 किलोमीटर में भी अब गड्ढे ही गड्ढ
हमीरपुर शहर से 5 किलोमीटर दूर मट्टनसिद्ध-भगेड़ नेशनल हाईवे की हालत भी अब वाहनों के लिए परेशानी का सब बन चुकी है। ज्यादातर सर्फेस गड्ढों से भर चुका है। जगह-जगह से सड़क उखड़ चुकी है। जो पैच वर्क दो महीने पहले किया गया था, वह तो उखड़ ही चुका है, नए गड्ढे भी अब तैयार हो चुके हैं। यानी बच-बच के गाड़ी को ड्राइव करना इतना आसान नहीं रहा है। छोटे वाहन चालकों के लिए तो और भी परेशानी है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं। फिर गड्ढे भी कहीं तो बड़े-बड़े आकार के हो चुके हैं। अब क्योंकि चार दिनों से मौसम खराब है कुछ दिन बारिश भी हुई, गड्ढों ने बड़ा आधार ले लिया। अब यह ठीक कब होंगे? पता नहीं। क्योंकि पिछली बार भी लंबे समय के बाद इनकी मरम्मत हुई थी, अब फिर वही हालत हो गई है।