यहां मंदिर चढ़ावे में भक्त चढ़ाते हैं घास
देवभूमि हिमाचल में बहुत सारे देवी-देवताओं के कई मंदिर स्थित है। जहां भक्त पूर्ण श्रद्धा से मंदिरों में दर्शन कर दान देते हैं, लेकिन बिलासपुर में एक मंदिर ऐसा है जहां चढ़ावे में सोना चांदी, पैसा व प्रसाद नहीं चढ़ता बल्कि भक्त अपनी श्रद्धा से चढ़ाते हैं तो चारा। जी हां यह अनोखा मंदिर स्थापित है, बिलासपुर जिले के भगेड़ में नंदीश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मंदिर में घास चढ़ाने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। बिलासपुर के कोसरियां से संबंध रखने वाले समाजसेवी सुनील शर्मा ने सड़कों में घूम रहे बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए भगेड़ में एक घायल गोवंश के लिए गोशाला का निर्माण किया। जहां वह सड़क दुर्घटना में घायल पशुओं की सेवा करते हैं। वहीं मंदिरों में प्रसाद व सोना चांदी चढ़ावे की परंपरा को देखते हुए सुनील शर्मा ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गोशाला के साथ ही नंदेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवाया और इस मंदिर में सोना, चांदी, पैसा चढ़ाने के बजाय इन बेसहारा पशुओं के लिए चारा चढ़ाने की प्रथा शुरू की।
14 साल से चली आ रही है पुरानी प्रथा
प्रगति समाजसेवा समिति के संस्थापक सुनील शर्मा का कहना है कि 14 साल से चली आ रही इस पुरानी प्रथा से जहां भगवान को चढऩे वाला प्रसाद रूपी चारा सीधे पशुओं को मिलता है तो साथ ही काफी संख्या में स्थानीय लोग इस प्रथा से जुड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस प्रथा की तारीफ करते हुए बेसहारा पशुओं को चारा देने से उन्हें आत्मिक शांति मिलने की बात कही।
सुनील शर्मा ने की थी मंदिर की स्थापना
बिलासपुर जिला से संबंध रखने वाले सुनील शर्मा बेसहारा पशुओं की मदद करने के लिए इस मंदिर की स्थापना की थी। सुनील शर्मा एक निजी कंपनी में काम कर सालाना लाखों का पैकेज लेने वाले सुनील शर्मा ने वर्ष 2009 में कंपनी छोड़ गोसेवा के क्षेत्र में समाजसेवा का काम अकेले ही तब शुरू किया था। जब सड़क पर एक लाचार घायल अवस्था में गाय को देखा और उसके उपचार में मदद की, तभी से सुनील शर्मा ने बेसहारा व घायल गोवंश की सेवा करने की ठानी और प्रगति समाज सेवा समिति के नाम से एक एनजीओ की स्थापना कर भगेड़ चौक के समीप अपनी जमापूंजी से गोशाला की नींव रखी। सुनील की इस सेवा को देखते हुए ग्रामीण भी मदद के लिए आगे आने लगे हैं।