संगड़ाह के प्रसिद्ध लोक गायक दिनेश शर्मा और सुर्जन ठाकुर ने लोक कलाकारों की अनदेखी पर चिंता जताई
ओनरमौर जिला के उपमंडल संगड़ाह के प्रसिद्ध लोक गायक दिनेश शर्मा और सुर्जन ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मेलों, त्योहारों और सरकारी आयोजनों में स्थानीय कलाकारों की अनदेखी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य में लोक संस्कृति के असली संरक्षकों को पर्याप्त मंच नहीं मिल रहा है। दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री द्वारा 33% बजट हिमाचली कलाकारों पर खर्च करने की घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस बजट का सही उपयोग करता है या नहीं। उन्होंने कहा कि कलाकारों के ऑडिशन की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि एक बार ऑडिशन देने के बाद कलाकारों को बार-बार बुलाने के बजाय उन्हें उचित यात्रा और ठहरने की सुविधाएं दी जाएं, साथ ही उनके मेहनताने में भी बढ़ोतरी की जाए। इससे न केवल कलाकारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। यंगवार्ता मीडिया से बातचीत में लोक गायकों ने कहा कि स्थानीय कलाकारों के ऑडिशन के लिए गठित कमेटी में ऐसे अनुभवी संगीतज्ञ और लोक संस्कृति विशेषज्ञ होने चाहिए, जो वास्तव में पारंपरिक लोक संगीत को समझते हों। इससे मेलों की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोक धरोहर का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। प्रसिद्ध लोक गायक दिनेश शर्मा और सुर्जन ठाकुर ने हिमाचली कलाकारों से आग्रह किया कि वे अपने गीतों में ऐसे शब्दों का चयन करें, जो आने वाली पीढ़ियों को राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति से जोड़ सकें।