सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में शाम चार बजे के बाद नहीं मिलती स्वास्थ्य सुविधा
चूड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकार ने डॉक्टर के पदों पर ही कैंची चला दी है। हिमाचल के और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जहां 4 से 6 डॉक्टर के पद स्वीकृत हैं और वहां पर 24 घंटे मरीजों का इलाज चलता है। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होती है, लेकिन चूड़ी स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र में मात्र एक ही डॉक्टर का पद सृजित किया हुआ है। यहां पर ब्लॉक स्तर पर 60 पदों में से 50 पद खाली चले हुए हैं। स्टाफ के अभाव में यहां पर कैंप आयोजित करने के लिए उधारी के स्टाफ मांगने पड़ते हैं। स्टाफ व मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहां पर मरीजों की भर्ती नहीं हो पाती है, वहीं गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी यहां नहीं होती है। मरीजों की सहुलियतों के लिए रखी हुई एक्स-रे मशीन बिना टेक्नीशियन के यहां पर कंपनी ने अब कंडम घोषित कर दी है। विधानसभा क्षेत्र भरमौर में स्थित स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में शाम 4 बजे के बाद मरीज का इलाज नहीं हो पाता है। यहां पर स्वास्थ्य की सूरत-ए-हाल बेहाल है। बरसों पुराने इस अस्पताल में आए दिन मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि चंबा से भरमौर के बीच मे सीएचसी चूड़ी ही एक्रमात्र ऐसा स्वास्थ्य संस्थान है, जो विधानसभा क्षेत्र भरमौर की 24 ग्राम पंचायतों के स्वास्थ्य के 70 हजार जनसंख्या को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करता है । मगर हैरानी की बात यहां यह है कि यहां सिर्फ सुबह 10 से लेकर शाम 4 बजे तक ही मरीजों की देखरेख होती है।
लोगों के लिए बना परेशानी का सबब
वर्ष 1980 में यह सीएचसी लोगों के इलाज के लिए खोली गई थी, लेकिन यहां पर स्टाफ व मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए दिन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। भरमौर से चंबा के बीच में स्थित यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किसी भी आपातकालीन स्थिति में लोगों के काम नहीं आ रहा है। अब तक कई नेता सत्ता में आए और चले गए, लेकिन इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात को बदलने के लिए किसी ने भी कोई भी काम नहीं किया है। लोगों ने हजारों शिकायतें यहां पर चल रही कमियों को लेकर नेताओं व प्रशासन के पास की हैं, लेकिन अभी तक इनका समाधान नहीं हो पाया है। इस सामुदायिक स्वास्थ्य भवन के अंतर्गत आने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र व दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्टाफ व मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी चली हुई है। पिछले कई समय से यह स्वास्थ्य केंद्र डेपुटेशन के सहारे चलाया जा रहा है। हर दिन 100 से अधिक मरीजों की यहां पर देख रही होती है, लेकिन मरीज को दाखिल करने की यहां पर कोई भी व्यवस्था नहीं है। ब्लॉक चूड़ी में स्वीकृत 60 में से 50 पद पिछले कई समय से खाली चले हुए हैं, जिस कारण कई बार कैंप आयोजित करने के लिए स्टाफ को बाहर से मंगवाना पड़ता है तो वहीं पर की जगह डेपुटेशन के आधार पर डॉक्टर को बुलाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है यहां के विधायक खुद डॉक्टर हैं, लेकिन डॉक्टर के विधानसभा में ही स्वास्थ्य का सूरत-ए-हाल बेहाल हो चुका है। स्टाफ के अभाव में यहां स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा रही हैं। भाजपा सरकार ने भी इस स्वास्थ्य केंद्र को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में कोई भी रुचि नहीं दिखाई है। 2017 से लेकर 22 तक तत्कालीन भाजपा सरकार के दौरान ही यहां पर डॉक्टर के पदों पर कैंची चलाई गई है। तत्कालीन भाजपा सरकार व विधायक ने भी इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर उदासीनता ही दिखाई है।
क्या कहते हैं विधायक डॉक्टर जनक राज
मैंने सरकार को सीएचसी चूड़ी की स्टाफ की कमी और लोगों को हो रही असुविधा के बारे अवगत करवाया है। झूठ की नींव तक बनी यह सरकार आश्वासन देने के सिवाय कुछ नहीं कर रही है।
क्या कहते हैं बीएमओ
डॉक्टर नवदीप राठौर का कहना है कि वह इस संबंध में सरकार और प्रशासन को अवगत करा चुके हैं । उन्होंने कहा है कि यहां साथ लगती सीएससी साहो में दिन-रात मरीजों का इलाज चल रहा है।द गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी करवाई जा रही है और यहां पर 4 से 6 डॉक्टरों की पोस्ट स्वीकृत हैं, लेकिन चूड़ी में मात्र एक ही डॉक्टर की पोस्ट स्वीकृत है जबकि यहां पर पॉपुलेशन बहुत ही ज्यादा है। यहां की बिल्डिंग भी क्षतिग्रस्त है, जो कभी भी हादसे का शिकार हो सकती है। यहां स्टाफ के 60 में से 50 पद खाली हैं। बड़ी मुश्किल से यहां पर काम चलाया जा रहा है।