छोटी अयोध्या रामा में रामनवमी पर राम कथा का आयोजन, त्रेता युग के शिवलिंग के अवशेष मौजूद
छोटी अयोध्या कहलाने वाले रामाधौन पंचायत के रामा गांव के समीप स्थित राम वन की चोटी पर बने श्री राम मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन से राम कथा का आयोजन आरंभ हुआ है। यह कथा रामनवमी तक निरंतर जारी रहेगी। दूसरे दिन रामायण पाठ के अंतर्गत भगवान राम के बालकांड का वर्णन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री राम मंदिर समिति रामा द्वारा किया जा रहा है। रामायण पाठ में भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान आचार्य विजय शर्मा, पंडित सुमेर शर्मा और अन्य सहयोगी आचार्यों द्वारा किया जा रहा है।
भंडारे और श्रद्धालुओं की सेवा
श्री राम मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित पंचराम शर्मा ने बताया कि आयोजन के दौरान प्रतिदिन दो समय भंडारे की व्यवस्था की गई है। रामनवमी के दिन विशेष रूप से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सामूहिक रूप से श्रद्धालु भाग लेंगे। इतिहासकार व समिति अध्यक्ष पंडित पंचराम शर्मा ने बताया कि राम वन की इस चोटी पर पहले हनुमान जी का एक छोटा मंदिर था। मान्यता है कि भगवान राम जब त्रेता युग में बनवास के दौरान यहां ठहरे थे, तो हनुमान जी इसी स्थान पर राम नाम का जाप किया करते थे। बाद में यहां राम परिवार की मूर्तियों की स्थापना कर इसे श्री राम मंदिर का रूप दिया गया।
प्राचीन शिवलिंग और मंदिर के अवशेष
उन्होंने बताया कि वर्तमान स्कूल ग्राउंड के स्थान पर कभी एक विशाल तालाब हुआ करता था। यहीं भगवान राम ने शिवलिंग की स्थापना कर भोलेनाथ की आराधना की थी। भूगर्भीय हलचलों के चलते शिवलिंग और मंदिर जमींदोज हो गए थे, परंतु बाद में शिवलिंग स्वयंभू रूप में पुनः प्रकट हो गया। मंदिर का खंडित कीर्ति स्तंभ आज भी यहां देखा जा सकता है। छोटी अयोध्या की मान्यता एक प्रसंग के अनुसार, गांव के एक निर्धन ब्राह्मण की अयोध्या जाने की इच्छा थी, लेकिन संसाधन न होने के कारण वह नहीं जा सका। तभी श्री रेणुका जी से एक तपस्वी महात्मा उसके घर आए और बताया कि यह स्थान ही छोटी अयोध्या है। ब्राह्मण को उसी रात भगवान राम ने दर्शन दिए थे। यह पूरा गांव महर्षि वशिष्ठ की गोत्रावली के ब्राह्मणों से भरा हुआ है। पंडित अनिल रामोल और पंडित संदीप अनमोल के अनुसार यह मंदिर दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। श्रद्धालु यहां सच्चे मन से अर्जी लगाते हैं और मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से उनकी कामनाएं पूरी होती हैं। पंडित सीताराम शर्मा, पंडित दयानंद और पंडित बीडी शर्मा का कहना है कि मंदिर में आज भी प्रसाद के रूप में रोड लंगोट और कड़ाही चढ़ाई जाती है। रामनवमी के अवसर पर हर वर्ष यहां भव्य राम कथा और भंडारा आयोजित किया जाता है।