ऊना पुलिस ने नशे के सौदागर को चिट्टे की बड़ी खेप के साथ काबू किया
हिमाचल में ऊना पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन (एसआईयू) ने जिला मुख्यालय के समीप मलाहत में नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास मिले बैग में 80.50 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। इसकी कीमत लाखों की बताई जा रही है। पिछले दो महीनों में पुलिस ने करीब आधा दर्जन मामलों में नशे के सौदागरों को काबू किया है। मलाहत का आरोपी भी किसी को सप्लाई देने जा रहा था। ऊना के एसपी राकेश सिंह के अनुसार बुधवार की देर शाम को एसआईयू की टीम गश्त कर रही थी, तभी टीम को गुप्त सूचना मिली कि मलाहत में एक युवक चिट्टे की तस्करी कर रहा है और वह किसी को सप्लाई देने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर दबिश दी तो एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। टीम ने युवक को रोककर उसकी तलाशी ली, तो उसके किट बैग में एक पॉलीथीन मिला, जिसमें चिट्टा रखा हुआ था। पुलिस ने इसका वजन किया तो यह 80.50 ग्राम पाया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने अपनी पहचान मलाहत निवासी 26 वर्षीय नितिन कुमार के रूप में बताई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी राकेश ने बताया कि पुलिस पूछताछ कर ही है कि आरोपी नशा कहां से लेकर आया था और किसे सप्लाई देने की फिराक में था। उन्होंने बताया कि पुलिस नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। जिले में कुछ समय से जो आपराधिक गतिविधियां देखने को मिली हैं, उन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुस्तैद है। जिला पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को इस साल अब तक बड़ी खेप के साथ काबू किया है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। ड्रग्स की रिकवरी करने के तुरंत बाद आरोपी केघर कवि पुलिस ने तलाशी ली है और रुपए ड्रग्स की यह खेत पंजाब के होशियारपुर से लेकर आया था, कौन किंग पिन है इसका भी पता लगाने का प्रयास है। एसपी ऊना राकेश सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर भी यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन लोगों को ये व्यक्ति चिट्टे की सप्लाई करने वाला था। इसके साथ ही पंजाब पुलिस से संपर्क करके पता लगाया जाएगा कि आरोपी इतनी ज्यादा ड्रग्स किसके पास से लेकर आया था और इसका मुख्य सप्लायर कौन है? इसके चलते इसके सप्लायर को भी सलाखों के पीछे धकेला जाएगा। पकड़े गए आरोपी के साथ-साथ उसके सप्लायर की भी संपत्तियों की जांच करवाई जाएगी, ताकि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। बता दें कि देवभूमि में भी युवा पीढ़ी इन दिनों नशे के जाल में फंसती जा रही है। जैसे मामले सामने आए हैं इससे साफ है कि नशा देवभूमि हिमाचल में अपनी जड़े जमा चुका है।