नाहन में युवाओं ने प्रस्तुत किए लोकतंत्र पर विचार
डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में सिरमौर जिले के 121 छात्र-छात्राएं चयनित हुए हैं, जिनमें से पहले दिन 21 प्रतिभागियों ने "एक राष्ट्र, एक चुनाव – विकसित भारत का मार्ग" विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने लोकतंत्र और राजनीति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे ही भविष्य के नेता और समाज के स्तंभ हैं। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने और युवाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सिरमौरी संस्कृति एवं नाटी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी व्याख्यान दिया,
जिससे युवा अपनी परंपराओं के संरक्षण के प्रति प्रेरित हुए। इस प्रतियोगिता के निर्णय हेतु एक प्रतिष्ठित ज्यूरी पैनल गठित किया गया, जिसमें वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. अमर सिंह चौहान, नौणी विश्वविद्यालय की डॉ. रश्मि चौधरी, बार काउंसिल अध्यक्ष अमित आत्री, वरिष्ठ व्याख्याता ममता और चुनाव कानूनगो हरीश शर्मा शामिल थे। मंच संचालन डॉ. रविकांत, प्रो. ट्विंकल और प्रो. लक्षिता ने किया, जबकि कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम राज भारद्वाज द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, नाटी और शास्त्रीय नृत्य जैसी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसका निर्देशन मोनिका मैम और रीना चौहान मैम द्वारा किया गया।
इस आयोजन में उप-प्राचार्य डॉ. उत्तमा पांडेय, डॉ. भारती, डॉ. अनूप, प्रो. बी.आर. ठाकुर, डॉ. यशपाल तोमर सहित अन्य प्राध्यापक एवं आयोजन समिति के सदस्य डॉ. सरिता बंसल, प्रो. देवेंद्र कुमार और अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अवधारणा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर जिला नोडल अधिकारी सिरमौर डॉ. पंकज चांडक ने प्रकाश डाला, जबकि आभार व्यक्त नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी श्री सुरेंद्र शर्मा ने किया। प्राचार्य डॉ. प्रेम राज भारद्वाज ने कहा कि प्रतिभागियों का ऊर्जा स्तर और आत्मविश्वास अत्यधिक सराहनीय रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि युवा लोकतंत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। डॉ. पंकज चांडक ने बताया कल, 21 मार्च 2025 को शेष प्रतिभागी अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद जिला स्तर पर 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जो राज्य स्तरीय युवा संसद में हिमाचल प्रदेश विधानसभा, शिमला में अपने विचार रखेंगे। यह प्रतियोगिता न केवल युवाओं को लोकतांत्रिक प्रणाली को गहराई से समझने का अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें अपनी अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को निखारने का भी मंच दे रही है।