काले बिल्ले लगाकर जताया विरोध
राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड के सभी कर्मचारियों ने सोमवार को काले बिल्ले लगाकर प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य बिजली बोर्ड में जनरेशन और ट्रांसमिशन में 700 पद समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी 53 इंजीनियर के पद समाप्त कर दिए थे। कर्मचारियां व अधिकारियों में प्रदेश सरकार द्वारा युक्तिकरण व केंद्रीयकरण के नाम पर जो पद समाप्त किए जा रहे हैं, उसको लेकर आक्रोश है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने जिन पदों पर पदोन्नति होनी थी, उन पदों को भी समाप्त कर दिया है। प्रदेश बिजली बोर्ड इंप्लाइज, इंजीनियर्स, पेंशनर्स की संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि सोमवार को काले बिल्ले लगाकर ही विरोध जताया है। मंगलवार को हमीरपुर में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और टाउन हॉल से गांधी चौक तक रैली भी निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि फील्ड कर्मचारियों की भारी कमी चल रही है, बावजूद इसके 1030 पद टीमेट और हेल्परों के पद नहीं भरे गए। उन्होंने बताया कि आए दिन फील्ड स्टाफ के साथ दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन फिर भी बोर्ड प्रबंधन खामोश बैठा हुआ है। उन्होंने बताया कि जिन पदों पर प्रमोशन होनी हैं, उनके आदेश पिछले 6 महीनों से जारी नहीं किए गए हैं। इसके अलावा पेंशनरों में भी प्रदेश सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ काफी रोष है। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड के पेंशनरों को ओपीसी नहीं मिली है, जबकि ओपीएस पेंशन रूल 1972 लागू कर दिया गया है। बिजली बोर्ड के पेंशनरों को ग्रेज्यटी नहीं मिली है वहीं लीवइनकैशमेंट भी 2023 से नहीं दी जा रही है। इसके अलावा 1-1-2016 से संशोधित वेतनमान एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। डीए का एरियर भी पेंडिंग पड़ा हुआ है। इसके अलावा कर्मचारियों के टीए बिल पास नहीं हो रहे हैं और वर्ष 2022 से ओवर टाइम के बिल भी लंबित हैं। उन्होंने बताया कि आउट सोर्स पर रखे 81 चालकों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, जबकि हम पिछले लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि आउटसोर्स के लिए पॉलिसी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों और अधिकारियों के अलावा पेंशनरों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में सभी जिलों में बिजली महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी या अधिकारियों के जो भी मुद्दे हैं, उन्हें बैठकर ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को आयोजित महापंचायत में आगे के आंदोलन के बारे में भी चर्चा की जाएगी।