प्रतिनियुक्ति डॉक्टरों के सहारे चल रहा धर्मपुर अस्पताल
कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत चिकित्सा खंड धर्मपुर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही हैं। अस्पताल में हालात यह हैं कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी को अब प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों से पूरा किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जब चिकित्सक की ड्यूटी धर्मपुर में लगती है, तो उस दिन ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। नाइट ड्यूटी में भी पीएचसी से चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। आपातकालीन ड्यूटी के बाद चिकित्सक का नाइट ऑफ रहता है। इस कारण पीएचसी बंद हो जाती है। हैरत की बात यह है कि जब चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर ड्यूटी देता है, तो केंद्रों में अन्य स्टाफ भी नहीं होता है। ऐसे में प्राथमिक सुविधाओं के लिए मरीज परेशान हो रहे हैं। यही नहीं प्राथमिक केंद्रों से ही चिकित्सकों की ट्रेनिंग और अन्य ड्यूटियां भी लग रही हैं। धर्मपुर अस्पताल क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन यहां पर एक ही चिकित्सक के सहारे काम चलाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर करीब 15 दर्जन पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहा है। अस्पताल में पहले दो एमओ चिकित्सक कार्यरत थे। एक चिकित्सक का खंड चिकित्सा अधिकारी पदोन्नति होने के बाद तबादला हो गया। इसके बाद से क ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा हैं। हालांकि अस्पताल में सरकार की ओर से चार चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए गए हैं।
घंटों कतारों में खड़े रहते हैं मरीज
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। इन दिनों सैकड़ों मरीजों के अलावा दुर्घटना में पीडि़त भी यहां आते हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यही नहीं एक ही चिकित्सक होने से ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इस कारण घंटों कतारों में खड़े होने के बाद मरीजों की बारी आती है। इसी बीच कोई आपात केस या दुर्घटना का मामला आ जाए, तो चिकित्सक को वह भी देखना पड़ता है।