नगरोटा बगवां बस स्टैंड की 26 दुकानें दो साल से बंद
नगरोटा बगवां बस स्टैंड पर करीब दो साल पहले निर्मित की गई 26 दुकानें अब तक बंद पड़ी हैं, जबकि इनसे परिवहन विभाग को लाखों रुपये की सालाना आय हो सकती थी। इन दुकानों का निर्माण यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और विभाग की आय में वृद्धि के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन अब तक इन्हें किराए पर नहीं दिया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन दुकानों का व्यावसायिक उपयोग होने से न केवल सरकारी राजस्व में इजाफा होगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यदि इन दुकानों को किराए पर दिया जाता, तो परिवहन विभाग को सालाना 20-25 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती थी। साथ ही, छोटे व्यवसायों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से 50 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकता था। स्थानीय युवा नेता राहुल शर्मा ने इसे सरकारी उदासीनता करार देते हुए कहा कि इतने सालों से तैयार संसाधनों का सही उपयोग न होने से विकास के अवसर बर्बाद हो रहे हैं। महिला मंडल की अध्यक्ष सीमा देवी ने इन दुकानों में सिलाई केंद्र या किफायती कैंटीन शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार मिल सके। भाजपा ओबीसी प्रकोष्ठ के राज्य अध्यक्ष विनय चौधरी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार द्वारा किए गए कार्यों को ठंडे बस्ते में डालना बेरोजगारों के साथ अन्याय है। वहीं, एचआरटीसी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि परिवहन विभाग के अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही ये दुकानें बेरोजगार युवाओं को आवंटित कर दी जाएंगी।