12 वर्ष बाद भी बोर पर नहीं लगी मोटर
कोटलाकलां गांव में जलशक्ति विभाग द्वारा बनवाए गए भवन में अब घासफूस और जंगली बूटी उग चुकी है। यह भवन और उसके आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से अव्यवस्थित और उपेक्षित पड़ा हुआ है। लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद यह निर्माण सफेद हाथी बनकर रह गया है, जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। स्थानीय प्रधान सरजीवन कुमार ने बताया कि 2012 में जलशक्ति विभाग ने यहां एक बोरवेल का निर्माण करवाया था, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी इस बोरवेल में मोटर नहीं लगाई जा सकी, जिससे इस बोर के पानी का ग्रामीणों को कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कई बार विभाग से इसे चालू करने की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। सरजीवन कुमार का कहना है कि हमने बार-बार विभाग से आग्रह किया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इस बोरवेल और भवन को जल्द चालू किया जाए, ताकि यहां के लोगों को पानी की सुविधा मिल सके। इस स्थिति पर स्थानीय निवासियों में भी गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में पानी की बहुत कमी है और इस बोरवेल से मिलने वाली सप्लाई से काफी हद तक समस्या हल हो सकती थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अब तक कोई समाधान नहीं निकला। अब यह सवाल उठता है कि क्या विभाग इस भवन और बोरवेल के निर्माण पर किए गए खर्च का सदुपयोग करेगा या यह हमेशा की तरह अव्यवस्थित रहेगा। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस स्थिति को सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।