केंद्र के खिलाफ वकीलों में रोष
जिला बार एसोसिएशन हमीरपुर ने मंगलवार को कानून मंत्री भारत सरकार को जिला उपायुक्त के माध्यम से एडवोकेट एक्ट संशोधन को लेकर ज्ञापन भेजा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जिस तरह से केंद्र सरकार द्वारा अधिवक्ता एक्ट में जो संशोधन किया जा रहा है, वह अधिवक्ताओं की आजादी पर सीधा प्रहार है, जिसका प्रदेशभर के सभी अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों व सब डिविजन न्यायालयों में 3 व 4 मार्च को कोई भी अधिकता न्यायालयों में हाजिर नहीं हुए व भारत सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि यह संशोधन जो एडवोकेट एक्ट में किया जा रहा है, यह बिना एडवोकेट की सलाह से ही बनाया गया है। संशोधन में बहुत सी बातें है जैसे अधिवक्ताओं को हड़ताल करने से पाबंदी रहेगी और यदि हड़ताल करते हैं तो उनपर न्यायाधीश कार्रवाई कर सकेंगे, बाहरी देशों से लॉ फर्मों को भारत लाना, अधिवक्ताओं की काउंसिल में सरकार द्वारा अपने लोगों को डालना आदि, यह संशोधन पूरा 100 पन्नों का है। उन्होंने कहा कि देश भर में 27 लाख से अधिक अधिवक्ता हैं तो बाहर से लॉ फर्मों को लाने से और प्रेक्टिस करने से क्या होगा। उन्होंने कहा कि स्टेट कॉर्डिनेशन कमेटी पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर इस बारे में चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति दोनों नेताओं से मिलने के बाद बनाई जाएगी। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर, उपाध्यक्ष निशांत गर्ग, महासचिव अश्वनी शर्मा, संयुक्त सचिव रिजुल ठाकुर, कोषाध्यक्ष संदीप ठाकुर, लाइब्रेरियन कुलदीप कुमार व सदस्य उपस्थित रहे।