बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध को मिला 'भोग योजना' का शुद्धता प्रमाण पत्र
भगवान तिरूपति बाला मंदिर के प्रसाद हुई मिलावट के बाद देश के मंदिरों में श्रद्धालुओं को शुद्ध प्रसाद मिले, इसके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने भोग योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण भगवान को चढ़ाए जाने वाले रोट और मंदिर में लगाए लंगर में श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले प्रसाद की गुणवता की जांच करता है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही मंदिर को प्रमाण पत्र दिया जाता है। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध को भी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने प्रमाणित कर दिया है और शुद्धता का प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। इस प्रमाणपत्र की अवधि दो वर्ष 21 मार्च 2025 से 20 मार्च 2027 निर्धारित की गई है। गौर रहे कि बाबा बालक मंदिर दियोटसिद्ध की कैंटीन में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले रोट प्रसाद के सैंपल फेल पाए गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा विभाग ने रोट प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों व कैंटीन प्रबंधकों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए थे, वहीं रोट प्रसाद बनाने का प्रशिक्षण भी दिया था। दुकानदारों को प्रशिक्षण देने के बाद रोट प्रसाद की क्वालिटी में बहुत सुधार हुआ है व इस रोट 20 दिन तक खा सकते हैं। बता दें कि फरवरी माह में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की टीम ने दियोटसिद्ध मंदिर में ऑडिट किया था। इसके तहत पानी के सैंपल भी लिए गए थे और क्वालिटी, हाइजेनिक, साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की थी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की जांच के बाद सारे सैंपल सही पाए गए हैं और इसका प्रमाण पत्र भी मंदिर को जारी कर दिया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का भोग योजना शुरू करने का उद्देश्य था कि धार्मिक स्थानों में श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसाद मिले, जिसमें किसी प्रकार की कोई मिलावट न हो।
20 दिन तक खराब नहीं होगा 'रोट' का प्रसाद
खाद्य सुरक्षा विभाग ने रोट प्रसाद बनाने का प्रशिक्षण देने के बाद रोट प्रसाद की खराब होने की अवधि भी तय कर दी गई है। अब रोट प्रसाद 20 दिन तक खराब नहीं होगा, इसके अलावा रोट बनाने की तिथि भी दुकानदारों को लगानी होगी। इस बारे में दियोटसिद्ध मंदिर के अध्यक्ष एवं उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह ने बताया कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब रोट प्रसाद 20 दिन तक खराब नहीं होगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को गुणवतापूर्ण प्रसाद उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध हैं।