बजट न होने से अमरोह पटवार भवन खस्ताहाल
उपमंडल भोरंज के अंतर्गत अमरोह पंचायत के गांव तन अमरोह में पटवार भवन गिरने के कगार पर है, जिसकी वजह से यहां के पटवारी को कक्कड़ के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। यह पटवार घर को बने हुए 25 वर्ष से भी अधिक समय हो गया है, जिसकी अब स्थिती नाजुक बनी हुई है। इस समय अमरोह का पटवारी कक्कड़ पंचायत के पटवार भवन में बैठकर लोगों के कार्यों को निपटा रहा है। अमरोह पंचायत के अंतर्गत पडऩे वाले 10 गांवों के ग्रामीणों भुक्कड़, अमरोह, गुदवीं, तन अमरोह, वाहल, नमलाख, बजोरा, वैरींभंटा, शाहीदाघाट को अपना जमीन से संबंधित व अन्य कार्यों को करवाने के लिए 7 किलोमीटर की दूरी तय करके कक्कड़ पटवार भवन में जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों में अमरोह पंचायत के उपप्रधान योगराज, सुभाष चंद, तारा चंद कौंडल, प्रभुराम, सुरेश ठाकुर, संजय प्रेमी, जगदेव ठाकुर, चमन लाल, कश्मीर सिंह, सरोज कुमारी, कमलेश कुमारी, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, अशोक कुमार, देश राज, अमर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार के द्वारा तन अमरोह पटवार भवन के लिए बजट का प्रावधान न करने की वजह से ग्रामीणों को अपने जमीन से संबंधित व अन्य कार्य करवाने के लिए कक्कड़ पटवार भवन में जाना पड़ रहा है जिसकी दूरी लगभग 7 किलोमीटर पड़ती है। इनका कहना है कि अमरोह से बसों का अभाव होने की बजह से टैक्सी करके कक्कड़ पटवार भवन में कार्य करवाने के लिए जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि तन अमरोह पटवार भवन लगभग 25 वर्ष पुराना है और इसकी हालत खस्ता हो चुकी है परंन्तु प्रदेश सरकार व प्रशासन की अनदेखी के चलते इसका खामियाजा अमरोह पंचायत के ग्रामीणों का भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रदेश सरकार व प्रशासन से मांग की है कि तन अमरोह पटवार भवन को अतिशीघ्र डिस्म्मेंटल किया जाए और नए भवन के लिए बजट का प्रावधान करवाया जाए। अमरोह पंचायत की प्रधान वीना कुमारी ने बताया कि तन अमरोह पटवार भवन की हालत बहुत ही दयनीय होने की वजह से पटवारी कक्कड़ पटवार भवन में बैठ रहा है, जिसकी वजह से ग्रामीणां को अपने कार्य करवाने के लिए 7 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या केबारे में प्रशासन का अवगत करवाने के बावजूद भी तन अमरोह पटवार भवन के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया जा रहा है।