प्रदेश में 919 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों का होगा कंप्यूटरीकरण
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के राज्य क्रेडिट सेमिनार 2025-26 का आयोजन 23 जनवरी को शिमला में किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के लिए 42,243.83 रुपए करोड़ की क्रेडिट क्षमता का अनावरण किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना द्वारा किया गया, जिसमें नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के उप- महाप्रबंधक पितांबर अग्रवाल और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक प्रदीप आनंद केसरी जैसे प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर पठानिया ने राज्य के आर्थिक विकास में नाबार्ड की भूमिका पर प्रकाश डाला और बताया कि कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नाबार्ड ने बैंकों और राज्य सरकार को 4,000 करोड़ रुपए का वित्तीय सहयोग दिया है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और कांगड़ा जिले के ढगवार में 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दूध प्लांट की स्थापना जैसे नए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में 919 और समितियों का कंप्यूटरीरण होगा। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने ग्रामीण विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक क्रेडिट प्रवाह की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बैंकों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नवाचार और उद्यमिता विकास को वित्तपोषित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के उप-महाप्रबंधक पितांबर अग्रवाल और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक प्रदीप आनंद केसरी ने अपने विचार साझा किए।