धर्मपुर में मंदिरों पर हो रही राजनीति निंदनीय - भूपेंद्र, सत्ता पक्ष व विपक्ष धार्मिक स्थलों को न बनाएं राजनीति का अखाड़ा
चैत्र माह के नवरात्रों के शुरू होते ही धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में सत्ताधारी कांग्रेस व विपक्षी दल भाजपा आमने सामने हैं। एक पक्ष लंगर खिलाने को लेकर तथा दूसरा चढ़ावे को लेकर गुथमगुथा हो रहे हैं।जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। माकपा नेता व पूर्व जिला पार्षद भुपेन्द्र सिंह ने मंदिरों के नाम पर दोनों पक्षों की ओर से की जा रही राजनीति की निंदा की है और इसे लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।उन्होंने सभी बड़े मंदिरों को प्रशासन के नियंत्रण में करने की मांग की है, ताकि राजनीतिक लाभ लेने की कोशिशों पर रोक लग सके।उन्होंने कहा कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो साल से विकास को ग्रहण लगा हुआ है और सारे विकास कार्य लगभग ठप्प पड़े हुए हैं। विधायक और उनकी पत्नी एक कंपनी के नाम पर पिछले साल अवैध रूप से लकड़ियां इकठ्ठा करने में व्यस्त हैं और अब चैत्र नवरात्रों के शुरू होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से सौ दिन भंडारे खिलाने को यहां के विधायक अपनी अढ़ाई साल की सबसे बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं।वहीं दूसरी तरफ जालपा माता मंदिर सकरैणी के गर्भ गृह में पूर्व मंत्री महिंदर सिंह पर किसी बाहरी महिला को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर निकालने का कथित तौर पर आरोप लग रहा है जिसकी पुलिस थाना में पिछले कल शिकायत दर्ज हुई है। इस घटना का सोशल मीडिया में वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि सोशल मीडिया में एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें महिला को कथित तौर पर मंदिर में चढ़ाए गए पैसे को चुराने के भी आरोप लगाया गया है। इस बारे भाजपा व कांग्रेस का सोशल मीडिया तंत्र अपने अपने तरीके से इस घटना को प्रचारित कर रहे हैं।सच्चाई जो भी हो लेक़िन यदि महिला से पूर्व मंत्री ने किसी तरह के साथ अभद्र व्यवहार व आचरण किया है तो वह घोर निंदनीय है जिसके बारे पुलिस को नियमानुसार एक्शन लेना चाहिए। भुपेंद्र सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक पार्टियों द्वारा इस प्रकार से दखल करना उचित नहीं है। सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोग व विधायक के चाचे मौसे व चाटुकार रिश्तेदार जो विधायक के साथ मिलकर सत्ता सुख ले रहे और मलाई खाने में लगे हैं सोशल मीडिया में अनाप शनाप पोस्टें डाल रहे हैं और अपनी नाकामियों को छुपाने में लगे हुए हैं उन्हीं के द्वारा सैंकड़ों टन अवैध लकड़ी का कटान धर्मपुर में हुआ, जिसके बारे में उनके मुहं बंद हैं। भुपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने इन सबके काले चिट्ठे इकठ्ठे कर लिए हैं जिन्हें बारी बारी से उगागर किया जाएगा। विधायक के इन दो चार रिश्तेदारों की ऐसी पोस्टों के कारण विधायक को अपना पांच साल का कार्यकाल निकालना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि नाकामियां ज्यादा और उपलब्धियां नाममात्र की हैं। जिस प्रकार से यहां के विधायक अपना, अपने परिवार और रिश्तेदारों के विकास में लगे हैं उससे जनता का उनसे जल्दी ही मोह भंग हो गया है। अब स्थिति ये आ गई है कि वे मंदिरों के भंडारों को अपनी उपलब्धियों में गिनाने के लिए मजबूर हो गए हैं।