भोटा अस्पताल में रात्रिकालीन आपात सेवाएं बंद
बड़सर विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले भोटा सरकारी अस्पताल में रात्रि आपातकालीन सेवाएं बंद करने का मामला गरमाता जा रहा है। इस निर्णय के विरोध में विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के खिलाफ बताया और सरकार को चेताया कि यदि अस्पताल में 24 घंटे सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि भोटा अस्पताल में आसपास की 15 पंचायतों के लोग इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सरकार ने सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ही सेवाएं सीमित करने का फैसला किया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की कि स्वास्थ्य सचिव को पद से हटाया जाए, क्योंकि वे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। लखनपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट के लिए सचिव जिम्मेदार हैं और सरकार को तुरंत कड़े फैसले लेने चाहिएं। भोटा अस्पताल में रात्रि को आपातकालीन सेवाओं के बंद होने से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि रात्रि आपातकालीन सेवाएं बंद होने से मरीजों को हमीरपुर या अन्य बड़े अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे कई बार गंभीर मरीजों की जान पर भी बन आती है। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है और क्या भोटा अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं फिर से शुरू होती हैं या नहीं। बड़सर के विधायक ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भोटा अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं को बहाल नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी नागरिक का मूल अधिकार हैं और सरकार को इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यदि हमारी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो यह विरोध और तेज होगा। सरकार को चाहिए कि वह जनता की परेशानी को गंभीरता से ले और तुरंत उचित कदम उठाए।