आनी में वेटरनरी ऑफिसर सहित 32 पद खाली
प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन का सबसे ज्यादा दूध पैदा करने वाले आनी विधानसभा क्षेत्र का पशुपालन विभाग राम भरोसे है। आनी और निरमंड उपमंडलों में पशुपालन विभाग में एक वेटेरनरी ऑफिसर सहित 32 महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, जबकि 11 वेटरनरी डिस्पेंसरी और पंचायत वेटरनरी डिस्पेंसरियों में ताले लटके हैं। यहां डेपुटेशन के सहारे काम चलाया जा रहा है। फलस्वरूप क्षेत्र के पशुपालकों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पशु औषधालयों में भारी स्टाफ का टोटा होने के चलते पशुपालक अपने पशुओं को समय पर सही उपचार नहीं दे पा रहे हैं।
आनी विधानसभा क्षेत्र में हैं 66 पशुपालन संस्थान
नकदी फसल सेब के अलावा यहां की आर्थिकी का मुख्य स्रोत पशुपालन है। क्षेत्र के लोग खासकर महिलाओं का जीवन यापन दूध, घी की पैदावार पर निर्भर है, जबकि भेड़-बकरी पालन भी यहां बहुत किया जाता है, जिसके मद्देजनर ही आनी क्षेत्र में एक उपमंडलीय पशु चिकित्सालय सहित कुल 66 पशुपालन संस्थान हैं, जिनमें 6 वेटेरनरी हॉस्पिटल, एक केंद्रीय पशु चिकित्सालय, 40 वेटेरनरी डिस्पेंसरी, 17 पंचायत वेटरनरी डिस्पेंसरियां और एक भेड़ एवं ऊन विस्तार केंद्र हैं, लेकिन इनमें 32 पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
कतने संस्थान हैं खाली, कितनों में लटके ताले
आनी 10 वेटेरनरी डिस्पेंसरियों में वेटरनरी फार्मासिस्ट नहीं हैं, 16 वेटरनरी डिस्पेंसरियों में एनीमल हजबेंडरी असिस्टेंट के पद खाली पड़े हैं। इतना ही नहीं इनमें से 6 वेटरनरी डिस्पेंसरियों में न फार्मासिस्ट हैं और न ही एनीमल हजबेंडरी असिस्टेंट। फलस्वरूप तिहनी, बशावल, मोईन, शेदरी, सराहन, जाओं-2 आदि 6 वेटरनरी डिस्पेंसरियों में ताले लटके हैं। वहीं, पुजारली, पजेंडा, कुठेढ, डीम और खनेरी आदि 5 पंचायत वेटरनरी डिस्पेंसरियों में पंचायत वेटेरनरी असिस्टेंट के पद रिक्त होने के चलते यहां भी ताले लटके हुए हैं। फलस्वरूप 66 संस्थानों का जि"मा संभाले एक सीनियर वेटरनरी ऑफिसर को डेपुटेशन पर कर्मचारियों को भेजकर काम चलाना पड़ रहा है, जिस कारण पशुओं के बीमार होने पर जरूरत के समय पशुपालकों को दूर-दूर जाकर कर्मचारियों को लाना पड़ता है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आनी विधानसभा के किसानों, बागवानों और पशुपालकों के उत्थान के लिए प्रदेश की सरकारें कितनी संजीदा हैं। क्षेत्र के पशुपालकों की मेहनत के बूते ही आज आनी विधानसभा क्षेत्र प्रदेश का सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला विधानसभा क्षेत्र बन पाया है। विधानसभा क्षेत्र के पशुपालकों ने प्रदेश सरकार से इन रिक्त पदों को जल्द भरने की गुहार लगाई है।