किसान सभा 3 को मंडी में राजस्व मंत्री को भूमि बारे देगी ज्ञापन
हिमाचल किसान सभा धर्मपुर खंड कमेटी की बैठक अध्यक्ष रणताज़ राणा की अध्यक्षता में पाड़छु में आयोजित की गई जिसमें जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज व सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया। जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने कहा कि किसान सभा किसानों के कब्जे में पांच बीघा जमीन किसानों के नाम नियमित करने की मांग सरकार से लंबे समय से कर रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय उच्च मार्गों व अन्य कई प्रकार के भूमि अधिग्रहण का चार गुणा मुआवजा देने और सर्कल रेट बढ़ाने की भी मांग कर रही है।वहीं आपदा प्रभावितों को घर बनाने के लिए जमीन और वित्तीय सहायता प्रदान करने की भी मांग उठा रही है, लेकिन सरकार इन मांगों को पूरा नहीं कर रही है और अब अवैध कब्जे के नाम पर किसानों को बेदखल किया जा रहा है और उनके घर तोड़े जा रहे हैं जिसका किसान सभा विरोध कर रही है। गत 20 मार्च को इन मांगों के लिए विधानसभा शिमला पर बड़ा प्रदर्शन किया गया था और अब आगामी 28 अप्रैल को सभी खंड व तहसील कार्यालयों पर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि किसान सभा की मांग पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी 3 अप्रैल को मंडी में किसानों व अन्य संस्थाओं के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं जिसमें वन अधिकार कानून 2006 को प्रदेश में लागू करने बारे जानकारी दी जाएगी, ताकि किसानों के कब्जे वाली जमीन उनके नाम ट्रांसफर की जा सके। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आगामी 8 अप्रैल को धर्मपुर में एसडीएम को मांगपत्र सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन राष्ट्रीय उच्च मार्ग का कार्य नियमों के अनुसार न होकर कंपनी द्वारा मनमर्जी से किया जा रहा है, जो हर कहीं डम्पिंग कर रही है,गांवों के रास्ते तोड़ दिए हैं और पानी के स्त्रोत मलवे से भर दिए हैं। घरों के पास 60-70 फुट कटिंग की गई है लेकिन रिटेनिंग दीवारें दस फुट ही लगाई जा रही है। ब्लॉस्टिंग अनियंत्रित तरीके से की जा रही है जिससे घरों में दरारें पड़ गई है। सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है और धूल से आसपास के लोग परेशान हैं और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, लेकिन इसके बारे न तो प्रशासन और न ही यहां के नुमाइंदे कुछ कर रहे हैं। इसके अलावा शिवा परियोजना में लगे बागवानी कलस्टरों में पैदा हो रहे फलों के भंडारण व मॉर्केटिंग की कोई व्यवस्था न होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। बसों की कमी के कारण हररोज कोई न कोई रूट बंद रहता है। मढ़ी के चलने वाली बसें वाया सरी भेजी जाती हैं जो सही नहीं है। सभा की मांग है कि बसें वाया वाया के बजाए सीधी चलाई जाए। बैठक में बाला राम, प्रकाश वर्मा, करतार सिंह, रत्न सिंह, मोहनलाल, अमीचंद, इंद्र सिंह, बबलू, प्रकाश, राजेंद्र, दिनेश काकू, राजीव, मॉन सिंह, सुखराम आदि ने भाग लिया।