नशे में संलिप्तता पर छिनीं सरकारी सुविधाएं
बिलासपुर जिले की बाड़ी मझेड़वां पंचायत ने नशे में संलिप्त पाए जाने पर चार परिवारों से सरकारी सुविधाएं छीन ली गई हैं। पंचायत ने इन परिवारों को सस्ता राशन व आवास योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं से बाहर कर दिया है। वहीं, घुमारवीं क्षेत्र की दकड़ी पंचायत ने भी इसी तरह से कार्रवाई करने का मन बना लिया है और कुछ आठ परिवारों की लिस्ट तैयार कर ली है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। घुमारवीं उपमंडल के तहत बाड़ी मझेड़वां व दकड़ी पंचयात के प्रतिनिधियों ने ग्रामसभा की बैठक में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ फैसला लेते हुए उनके परिवारों को पंचायत सुविधाओं से वंचित करने का प्रस्ताव पास किया है। जिन नशा तस्करों के खिलाफ घुमारवीं थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, उनके परिवारों को चिन्हित कर प्रतिबंध में शामिल किया है। बाड़ी मझेड़वा पंचायत के प्रधान पंकज चंदेल व दकड़ी पंचायत के उपप्रधान पवन जम्वाल ने कहा कि नशा तस्करी व चिट्टे के मामलों को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थी। ग्रामसभा की बैठक में फैसला लिया गया कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के परिवारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंचायत सुविधाओं से वंचित किया जाएगा। एक दर्जन परिवारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पंचायत प्रतिनिधियों को इस अभियान का हिस्सा बनकर पंचायतों में चिट्टा व ड्रग्स जैसे जानलेवा नशों से जुड़े लोगों को चिन्हित कर उनके परिवार को दी जाने वाली सुविधाओं को बंद करें।
गतवार पंचायत ने भी लिया कड़ा फैसला
औहर पंचायत के बाद अब गतवार पंचायत ने भी नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है, अगर कोई व्यक्ति नशे का सेवन करता या बेचता पाया जाता है, तो उसके परिवार को पंचायत की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।