सुप्रीम कोर्ट बोला- डल्लेवाल का अनशन तुड़वाने के लिए नहीं कहा
सुप्रीम कोर्ट ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के मामले में पंजाब सरकार को फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार के अधिकारी और कुछ किसान नेता मीडिया में यह गलत धारणा बना रहे हैं कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन खत्म कराने की कोशिश की जा रही है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि हमने कभी भी डल्लेवाल का अनशन खत्म कराने का निर्देश नहीं दिया, वे केवल उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। हम चाहते हैं कि उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पंजाब सरकार के अधिकारी और कुछ किसान नेता जमीनी स्तर पर स्थिति को और जटिल बनाने के लिए मीडिया में गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि हमें डल्लेवाल के प्रति कुछ किसान नेताओं की सद्भावना को परखने की जरूरत है। पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने स्थिति को जटिल बनाने के किसी भी प्रयास से इनकार किया और कहा कि डल्लेवाल को अपना अनशन खत्म किए बिना चिकित्सा सहायता लेने के लिए मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पीठ ने कहा कि पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इस मामले में डिजिटल माध्यम से पेश हो रहे हैं, इसलिए उम्मीद है कि अदालत का संदेश नीचे तक जाएगा।
मुख्तार अंसारी की मौत से जुड़ी रिपोर्ट बेटे को उपलब्ध कराई जाए
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह गैंगस्टर एवं नेता मुख्तार अंसारी की मौत से जुड़ी चिकित्सा और मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट उसके बेटे को उपलब्ध कराए। न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने उमर अंसारी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की दलीलों पर गौर किया। उमर ने कहा कि उसके पिता की मौत से संबंधित चिकित्सा और न्यायिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत नहीं की गई। मऊ सदर से पांच बार विधायक रहे मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को यूपी के बांदा स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई थी। सील बंद लिफाफे में संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट की पेश
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद पर चल रहे मामले में वीरवार को एडवोकेट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। यह रिपोर्ट 40 पन्नों की है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसे सील बंद लिफाफे में जमा किया है। 19 और 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया था। यह सर्वे संभल के चंदौसी जिला कोर्ट के निर्देश पर हुआ। एडवोकेट कमिश्नर ने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से रिपोर्ट पेश करने में थोड़ा समय लगा।
हलफनामा दाखिल करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से हलफनामा दाखिल करने को कहा, जिसमें यह बताया गया हो कि 20 दिसंबर के उसके आदेश का कितना पालन किया गया है। उस आदेश में न्यायालय ने पंजाब सरकार को डल्लेवाल को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई के लिए छह जनवरी की तारीख तय की।
केंद्र को जारी किया नोटिस
शीर्ष अदालत ने डल्लेवाल की ओर से दायर एक नई याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। डल्लेवाल की याचिका में केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने के बाद 2021 में प्रदर्शनकारी किसानों से किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न वादों को पूरा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।