मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर भगदड़, 30 श्रद्धालुओं की मौत
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज महाकुंभ के संगम क्षेत्र में बुधवार तड़के पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने से मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 अन्य घायल हो गए। घटना के करीब 16 घंटे बाद प्रेसवार्ता में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीजीआई) वैभव कृष्ण ने बताया कि भगदड़ में मरने वाले 30 श्रद्धालुओं में से 25 की पहचान हो चुकी है। डीआईजी के मुताबिक, 36 घायलों का अभी इलाज चल रहा है। कुछ लोग घायल हुए अपने परिवार के सदस्यों को लेकर चले गए हैं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भगदड़ के बाद स्थिति की समीक्षा के लिए लखनऊ में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर न्यायिक जांच के आदेश दिए। अखाड़ा मार्ग पर जहां से अमृत स्नान की दृष्टि से बैरिकेड्स लगाए गए थे, उनको फांदकर आने में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2525 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
7.64 करोड़ भक्तों ने किया स्नान
मौनी अमावस्या पर भगदड़ के बाद भी 7.64 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। वहीं, अब तक महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या २० करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है।
राष्ट्रपति और पीएम ने जताई संवेदना
प्रयागराज महाकुंभ के संगम क्षेत्र में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मची भगदड़ में कई लोगों की मौत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, ममता बनर्जी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। उधर, पीएम मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी से दिन में चार बार बात कर स्थिति की जानकारी ली। पीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार के साथ निरंतर संपर्क में बने हुए हैं। इस बीच, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भगदड़ को विपक्ष की 'साजिशट बताते हुए इसे जांच का विषय करार दिया है। मोदी ने कहा कि जो दु:खद हादसा हुआ है, उस हादसे में हमें कुछ पुण्यात्माओं को खोना पड़ा है, कई लोगों को चोट भी आई है। मैं प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।