अभिलाषी विश्वविद्यालय में एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने किया "नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान" का संबोधन, नशा मुक्त समाज के लिए विश्वविद्यालय ने लिया कड़ा संकल्प
अभिलाषी विश्वविद्यालय में नशा उन्मूलन को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मंडी की पुलिस अधीक्षक (एसपी) साक्षी वर्मा ने मुख्यातिथि के तौर पर उपस्थित रह कर विद्यार्थियों को संबोधित किया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के बढ़ते प्रभाव और उससे होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। एसपी साक्षी वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर एक सकारात्मक और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। एसपी वर्मा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे। नशे की लत से बचने के लिए आत्म-संयम और जागरूकता सबसे जरूरी है। इस कार्यक्रम के दौरान अभिलाषी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. एच.के. चौधरी ने अपने संबोधन में गर्वपूर्वक कहा कि अब तक विश्वविद्यालय परिसर में नशे से जुड़ी कोई भी घटना नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी संस्थान की स्वच्छ और अनुशासित वातावरण की परंपरा बनी रहेगी।
एसपी ने नशे से जुड़ी कानूनी धाराओं और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि यदि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार की नशे की गतिविधि देखें, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके अलावा उन्होंने अपने आईपीएस बनने का सफर भी छात्रों के साथ सांझा किया एवं छात्रों को प्रोत्साहित किया। वहीं छात्रों के साथ प्रश्नोत्तरी सेशन में नशे पर लगाम लगाने हेतु विचार विमर्श किया गया।उन्होंने विश्वविद्यालय में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की जमकर सराहना की। इस जागरूकता अभियान के लिए एसपी साक्षी वर्मा का अभिलाषी विश्वविद्यालय में पधारने हेतु कुलाधिपति डॉ. आरके अभिलाषी एवं प्रति कुलाधिपति डॉ. एलके अभिलाषी ने आभार व्यक्त किया और छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की। वहीं कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य तभी उज्ज्वल हो सकता है जब वे नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा और आत्मविकास पर ध्यान दें। उन्होंने बताया कि पूरा विश्व अभी परमाणु हथियार और आतंकवाद से जूझ रहा है। वहीं इसी बीच दुनिया को तीसरा सबसे खतरनाक भय नार्कोटेररिज़्म से है। जो कि विकसित, विकासशील एवं अन्य देशों की युवा पीढ़ी को नशे में धकेल कर बर्बाद कर रहा है। उन्होंने अपने व्याख्यान में गोल्डन क्रिसेंट और गोल्डन ट्राईएंगल देशों का भी इसी संदर्भ में उल्लेख किया। वहीं उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा कि छात्रों को एक सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण मिले, जिससे वे अपने जीवन में सफल हो सकें। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी, शिक्षक और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस उपलक्ष्य पर अभिलाषी विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. आर.के. अभिलाषी, प्रो चांसलर डॉ. एल.के. अभिलाषी, वाइस चांसलर प्रो. एच.के. चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ. कपिल कपूर, जीनीयस एजुकेशन सोसाइटी की चेयरपर्सन डॉ. नर्वदा अभिलाषी, अभिलाषी एजुकेशन सोसाइटी की वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रोमिला अभिलाषी, सचिव नरेंद्र कुमार ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।