6 हजार जेबीटी-टीजीटी व पीजीटी की भर्ती जल्द: सुक्ख
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जल्द ही 6 हजार जेबीटी-टीजीटी व पीजीटी की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही 700 पद स्टाफ नर्सों के भरे जाएंगे। सीएम ने मंगलवार को कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के मटौर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 2 साल में 31 हजार नौकरियां निकाली हैं। उन्होंने कहा कि जेबीटी, टीजीटी, पीजीटी और 1200 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की जा रही है। सुक्खू ने कहा कि हर मेडिकल कॉलेज में हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने के लिए 700 पद स्टाफ नर्सों के भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में मात्र 30 हजार नौकरियां ही दीं, जिसमें आधे से ज्यादा मामले अदालतों में विचाराधीन हैं, जिससे हजारों बेरोजगार हताश और परेशान हैं। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इन मामलों को सेटल किया और अब युवाओं को चरणबद्ध तरीके से नौकरी दी जा रही हैं।
बोले- भाजपा में चल रही आपसी लड़ाई, पांच गुटों में बंटी
सुक्खू ने कहा कि भाजपा में आपसी लड़ाई चल रही है और पांच गुटों में बंटी है। दूसरी ओर सरकार को बदनाम करने के लिए तरह-तरह की साजिश भाजपा रचती रही है। जयराम सरकार ने चुनाव से छह महीने पहले सरकारी खजाना लुटाया है। जगह-जगह शिक्षण संस्थान खोले, लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक तैनात नहीं किए। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में गिरावट आई है, उसमें कांगे्रस सरकार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में कांगड़ा जिले की तस्वीर को बदल देगी तथा आगे भी सरकार जनहित से जुड़े मुददों पर फैसले लेगी।
भाजपा ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तोड़ा कांग्रेस ने फिर से जोड़ा
सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तोड़ा और कांग्रेस सरकार ने उसे फिर जोडऩे का काम किया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि पूर्व भाजपा सरकार जनता के पैसे को अपने राजनीति लाभ के लिए लुटा देगी। कोई भी सरकार जनता द्वारा चुनकर सत्ता में आती है। जनता को विश्वास होता है कि जिसे हमने चुना है, वह सरकार जनता की समस्याओं का निधान करेगी, लेकिन पूर्व सरकार ने प्रदेश के खजाने को राजनीति लाभ के लिए लुटा दिया। उन्होंने कहा कि इस राजनीति लाभ का फायदा भाजपा को चुनावों में नहीं हुआ और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पर विश्वास किया। मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद हमारे प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौटी है।