ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर के दोषी संजय रॉय को उम्रकैद
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। सियालदह कोर्ट के जज अनिर्बान दास ने सोमवार को सजा सुनाते हुए कहा कि यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला नहीं है। मौत की सजा नहीं दी सकती। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह पीडि़त परिवार को 17 लाख रुपए मुआवजा दे। हालांकि, परिवार ने इसे लेने से इनकार कर दिया। फैसला सुनाने से पहले कोर्ट ने दोषी संजय, सीबीआई और पीडि़त परिवार की बातें सुनीं। संजय से कहा कि यह बताया जा चुका है कि तुम किन अपराधों के दोषी हो। कोर्ट ने 18 जनवरी को संजय को दोषी ठहराया था। घटना के 164वें दिन सोमवार को सजा पर 160 पेज का फैसला सुनाया। सीबीआई और पीडि़त परिवार ने मौत की सजा मांगी थी।
फैसले से पहले दोषी बोला-मुझे फंसाया गया
फैसला सुनाने से पहले दोषी संजय रॉय ने अदालत से कहा कि मुझे फंसाया जा रहा है, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। इस पर सीबीआई ने कहा कि यह जघन्य अपराध है। इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। सीबीआई के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि हम समाज में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए कड़ी से कड़ी सजा का अनुरोध करते हैं मामले में पीडि़ता के माता-पिता ने दोषी के लिए मौत की सजा की मांग की है। संजय रॉय के वकील ने कहा कि दोषी को फांसी की जगह कोई और सजा दी जानी चाहिए। भले ही यह दुर्लभतम मामला हो, लेकिन सुधार की गुंजाइश होनी चाहिए। अदालत को यह दिखाना होगा कि दोषी क्यों सुधार या पुनर्वास के लायक नहीं है। सरकारी वकील को सबूत पेश करने होंगे और कारण बताने होंगे कि व्यक्ति सुधार के लायक क्यों नहीं है और उसे समाज से पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए।
सजा से नहीं हूं संतुष्ट मृत्युदंड मांगा था: ममता
दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी ने मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास दिया है।