सर्दियों में 'बिच्छू बूटी' का साग स्वास्थ्य के लिए रामबाण
क्योंथल के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर सर्दियों के दिनों में बिच्छू बूटी अर्थात भाभर का साग को खाने की प्रथा कालांतर से चली आ रही है। सर्दियों में भाभर के साग खाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बिच्छू बूटी का साग बहुत ही स्वादिष्ट होने के साथ साथ इसकी ताहसीर गर्म होती है, जिससे शरीर में ठंड का प्रकोप कम होता है। बता दें कि बिच्छू बूटी का साग पहाड़ी व्यंजनों में से एक है और इसके साग का जायका और स्वाद अनूठा होता है। बिच्छू बूटी को जहां ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों को डराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, वहीं पर भाभर में विटामिन सी और खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। सबसे अहम बात यह है कि बिच्छू बूटी को उगाया नहीं जाता बल्कि स्वत: ही यह बूटी खेत खलिहान और बंजर भूमि पर उगी होती है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. विश्वबंधु जोशी ने बताया कि बिच्छू बूटी का वैज्ञानिक नाम अर्टिका डाइओका है।