विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से विपक्ष करेगा वार, सरकार है तैयार: 14वीं विधानसभा के सत्र में होंगी कुल चार बैठकें, एक दिन प्राइवेट मेंबर-ड
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला के तपोवन में आज से शुरू हो जाएगा। 18 से 21 दिसंबर तक चलने वाले 14वीं विधानसभा के चार दिवसीय इस सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इनमें से एक प्राइवेट मेंबर-डे होगा। इस बार सत्र में हंगामा होने के पूरे आसार हैं। पक्ष-विपक्ष दोनों ही आक्रामक मूड में हैं। विपक्ष में बैठी भाजपा कई मुद्दों को लेकर सुक्खू सरकार पर हमला बोलने की तैयारी में है, जबकि काँग्रेस की सुक्खू सरकार ने भी विपक्ष के तेवरों को दबाने की पूरी तैयारी कर रखी है। विपक्ष बेरोजगारी, गारंटियों, गेस्ट टीचर पॉलिसी, विकास कार्यों सहित कई अन्य मुद्दों के साथ सरकार को घेरता नजर आएगा।
18 आरोप और 10 गारंटियां भाजपा का सबसे बड़ा मुद्दा
हाल ही में सरकार के खिलाफ राज्यपाल को सौंपे गए 18 आरोपों और 10 गारंटियों का मुद्दा भाजपा का सबसे बड़ा मुद्दा होगा, जिस पर वह सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को घेरने का पूरा प्रयास करेगी। वहीं, कांग्रेस सरकार अपने दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान करेगी। इनमें ओपीएस व कई गारंटियों को पूरा करने सहित जनहित में शुरू की गई योजनाएं शामिल हैं। भाजपा कांग्रेस सरकार की ओर से दी गई विभिन्न गारंटियों पर भी सवाल उठाने का मौका नहीं छोड़ेगी। भाजपा नेताओं का लगातार कहना है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले जनता से जो वादे किए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है और सरकार के कार्यकाल में कई मुद्दे लटके हुए हैं। सदन में भाजपा के विधायक विशेष रूप से अवैध खनन, नशा तस्करी, बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही भाजपा प्रदेश सरकार से यह भी पूछेगी कि क्या वह अपनी चुनावी गारंटियों को पूरी कर पाएगी या नहीं। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के विधायक विधानसभा में सरकार से जवाब मांगेंगे।
2 साल की उपलब्धियां गिनाएगी सरकार
कांग्रेस सरकार भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार अपने दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को सत्र में प्रस्तुत करेगी। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में विकास की गति तेज हुई है और उन्होंने जनता के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इसके अलावा कांग्रेस यह भी दावा करेगी कि उसने किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार विधानसभा में अपने इन कदमों को पेश करके विपक्ष को जवाब देने की कोशिश करेगी।