समय की हर कसौटी पर खरा उतरा संविधान: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल के आखिरी रविवार को 117वीं बार मन की बात कार्यक्रम में संविधान दिवस और महाकुंभ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब हम महाकुंभ में भाग लें, तो समाज में विभाजन और नफरत की भावना को खत्म करने का संकल्प लें। पीएम ने वल्र्ड ऑडियो विजुअल एंटरटेनमेंट समिट, कालाहांडी की सब्जी क्रांति, बस्तर ओलंपिक और कुरुक्षेत्र के मलेरिया रोकथाम के प्रयासों के बारे में भी बात की। यह इस साल 9वां और आखिरी एपिसोड था। लोकसभा चुनाव के कारण मार्च, अप्रैल और मई में एपिसोड टेलीकास्ट नहीं हुए थे। पीएम ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने हमें जो संविधान सौंपा है वह समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है। संविधान हमारे लिए गाइडिंग लाइट है और हमारा मार्गदर्शक है। मोदी ने कहा कि महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरल धारा, न बनते समाज हमारा। उन्होंने प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से आयोजित इस समागम में शामिल होने वाले लोगों की विविधता के मद्देनजर कहा कि विविधता में एकता के ऐसे दृश्य का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। महाकुंभ की विशेषता न केवल इसकी विशालता, बल्कि इसकी विविधता में भी है। यह विशाल धार्मिक आयोजन हर 12 साल में आयोजित किया जाता है।
'वेव्स' शिखर स्मेलन की मेजबानी करेगा भारत
पीएम ने कहा कि भारत अगले साल फरवरी में पहली बार 'वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर स्मेलन' (वेव्स) की मेजबानी करेगा, जो देश की रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक मंच होगा, सहयोग को बढ़ावा देगा और विश्व स्तरीय मनोरंजन सामग्री निर्माण के केंद्र के रूप में देश की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। पीएम ने काह कि बस्तर में एक अनूठा ओलंपिक शुरू हुआ है। पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है।
राज कपूर और मोह्मद रफी को किया याद
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज कपूर जी ने फिल्मों के माध्यम से दुनिया को भारत की सॉफ्ट पावर से परिचित कराया। रफी साहब की आवाज में वह जादू था जो हर दिल को छू जाता था। भक्ति गीत हों या रोमांटिक गाने, दुख भरे गाने, उन्होंने अपनी आवाज से हर भावना को जीवंत कर दिया।