आईआईटी मंडी से कुछ ट्रेड पालमपुर ले जाने का होगा विरोध: जवाहर ठाकुर
मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के कमांद में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान आईआईटी मंडी के विभाजन की कवायद हो रही है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। द्रंग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से आईआईटी मंडी से कुछ ट्रेड पालमपुर ले जाने की कवायद की जा रही है, जिसका वे पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में वे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर यह मामला उनके ध्यानार्थ लाना चाहते हैं। वहीं पर आईआईटी के निदेशक से सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी भी लेंगे कि राज्य सरकार की ओर से आईआईटी को उपलब्ध करवाई गई 2205 बीघा जमीन जो आईआईटी के नाम पर है उसका कितना उपयोग अब तक किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से यह मालूम हुआ है कि कमांद में जगह कम होने की वजह से आईआईटी मंडी की ब्रांच पालमपुर में खोली जाएगी। जवाहर ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा में कई बड़े संस्थान पहले से ही मौजूद हैं, वहां पर आईआईटी मंडी की ब्रांच खेलना तर्क संगत नहीं है। जवाहर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े मंडी जिला को बीते दो सालों से राजनीतिक रूप से ग्रहण लग गया है और यहां के बड़े नेता अपनी ही सरकार में राजनीतिक रूप से डिप्रेशन में चले गए हैं। जिसके चलते वे मंडी जिला के साथ हो रहे राजनीतिक भेदभाव पर चुपी साधे हुए है। हालांकि, इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान को मंडी में लाने का वे दावा करते रहे हैं, मगर अब वे खामोश क्यों है। जवाहर ठाकुर ने कहा कि मंडी से आईआईटी की ब्रांच पालमपुर में स्थापित करने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि कमांद में इसके लिए जगह कम है। जबकि हकीकत में यह सही नहीं है। जवाहर ठाकुर ने कहा कि कमांद और उत्तरसाल क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन सरकारी है जो चरागाह और बिलादरख्तान कागजों में दर्ज की है। उन्होंने बताया कि अभी तक आईआईटी के पास घेड़ा फार्म की 68 बीघा जमीन खाली पड़ी है, जबिक 143 बीघा जमीन जो साउथ ब्लाक के साथ है उसकी एफआरए की औपचारिकता पूरी हो गई है। इसके अलावा उप तहसील कटौला के तहत बडौन में 322 भूमि चरागाह, टिहरी में 52 बीघा और सोलंग में 198 बीघा, कालंग में 727 बीघा, काहरा में 221 बीघा जमीन खाली पड़ी है। जवाहर ठाकुर ने चेतावनी दी है कि अगर यह कवायद रोकी नहीं गई तो वे इसके विरोध में किसी भी हद तक जा सकते हैं। वहीं पर इस मामले को अदालत में ले जाकर क्षेत्र की जनता के लिए न्याय की गुहार लगाएंगे।