माता बगलामुखी के दरबार में भजन-कीर्तन पर झूमे श्रद्धालु, महिलाओं की भारी उपस्थिति ने जागरण को बनाया यादगार
छोटी काशी मंडी में पांडवों की भूमि पंडोह खुब रंग भरती है। क्योंकि पडोह क्षेत्र में बहुत ही प्राचीन धार्मिक संस्थान प्रदेश में ही नहीं देश भर में प्रतिष्ठित हैं। फिर चाहे वो माता हणोगी हो,माता भैरवा हों, माता बगलामुखी हों, माता मैहणी, माता, माता काढी घटासण, माता धारा नागण हों,या देव थट्टा ऋषि हों। हर रोज़ कहीं ना कहीं कोई धार्मिक प्रतिष्ठान चला ही रहता है। नवरात्र के शुभ अवसर पर सभी मंदिरों में भजन कीर्तन निरंतर चल रहे हैं। माता बगलामुखी का भव्य और प्राचीन मंदिर बागली इन दिनों भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। जिसका प्रमुख कारण राष्ट्रीय राज मार्ग चंडीगढ़ मनाली के पडोह से माता बगलामुखी के दरबार तक रोप-वे है। पडोह डैम की रमणिक झील और वन विभाग का नेचर पार्क है। नवरात्र में इन सभी स्थानों को बहुत ही सुन्दर साज सज्जा के साथ आकर्षक बनाया गया है। वीरवार रात को मन्दिर कमेटी द्वारा एक भव्य जागरण का आयोजन किया गया। जागरण में मंडी की मन्नत महाजन ने रात 9 बजे से लेकर पुरी रात माता की एक से बढ़कर एक भेंटें गाकर उपस्थित भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। उन्होंने रात भर मां की महिमा का जमकर बखान किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु उत्साहित और भाव विभोर हो गये। पुरा गांव माता की भक्ति रस में डूब गया। इस दौरान ग्राम पंचायत तांदी की प्रधान अमरावती ठाकुर और एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के स्टेट चेयरमैन रविंद्र शर्मा ने भी विशेष तौर पर उपस्थित होकर माता के दरबार में हाजरी भरी और आशीर्वाद लिया। रविंद्र शर्मा ने मंदिर कमेटी को अपनी तरफ से 11 हजार की राशि भी भेंट की। मंदिर में रात भर भंडारे का दौर भी जारी रहा। भंडारे का आयोजन यात्रिका होलीडे के मालिक साहिल शर्मा द्वारा किया गया। माता बगलामुखी मंदिर कमेटी के प्रधान टेक चंद ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष नवरात्रों के उपलक्ष पर माता के दरबार लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसी क्रम में हर वर्ष जागरण के माध्यम से मां की महिमा का गुणगान किया जाता है। उन्होंने बताया कि अष्टमी और नवमी पर मंदिर में विशेष आयोजन किए जाएंगे।