देवनाद के भव्य आयोजन से गुंजायमान हुआ सुकेत देवता मेला, 57 देवी-देवताओं के 526 बजंतरियों ने देवनाद में लिया भाग
जिला मंडी के ऐतिहासिक राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेले में गुरुवार को सैंकड़ों बजंतरियों की देव ध्वनि पर देवनाद का भव्य आयोजन किया गया। देवनाद में 57 देवी-देवताओं के 526 बजंतरियों ने अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से पूरे पंडाल को गुंजायमान कर दिया। इस मौके पर डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। देवनाद में करसोग, मंडी, बल्ह, नाचन, सुंदरनगर और चच्योट क्षेत्र के देवी-देवताओं के बजंतरियों द्वारा अपने वाद्ययंत्रों द्वारा भाग लिया गया। इन वाद्ययंत्रों में शहनाई, गुझू, भाणा, करनाल, नरसिंगा,नफीरी, काहुली, नाद, कांसी और इंद्रीबाजा का बेहतरीन संगम सुनने को मिला। इस मौके पर डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि देवी-देवताओं के देवलूओं द्वारा वाद्ययंत्रों के साथ देवनाद का आयोजन देव संस्कृति का परिचायक है। उन्होंने कहा कि देवनाद जैसे आयोजनों से देवलू प्रदेश की संस्कृति को बचाने के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवता कमेटी आमजन तक देवी-देवताओं का आशीर्वाद पहुंचाने के लिए भविष्य में भी भूमिका निभाएगी। वहीं, देवनाद पर जानकारी देते हुए सुकेत सर्व देवता कमेटी के उपाध्यक्ष आचार्य रोशन शर्मा ने कहा कि राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेले में देवनाद का आयोजन किया गया है। इसमें 57 देवी-देवताओं के कुल 526 बजंतरियों ने अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से कला प्रदर्शन करना सराहनीय है। बता दें कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं के वाद्ययंत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इन्हीं बजंतरियों की मौजूदगी से देवी-देवताओं को संपूर्ण माना जाता है। राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेला में वाद्ययंत्रों की महत्ता को लोगों के सामने प्रस्तुत करने के लिए देवनाद कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया जाता है।