सरकाघाट अस्पताल की बदहाली पर बवाल: विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विधायक ने सरकार से मांगा जवाब
विधायक दलीप सिंह ठाकुर ने वर्ष 2013 से निर्माणाधीन नागरिक अस्पताल सरकाघाट के भवन के अब तक ना पूर्ण होने और विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया है।
विधायक के प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकाघाट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत नागरिक अस्पताल, सरकाघाट के भवन का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है। नागरिक अस्पताल सरकाघाट की दैनिक ओपीडी में लगभग 400-450 मरीज आते हैं। वर्तमान में नागरिक अस्पताल सरकाघाट, 100 बिस्तरों के साथ पुराने भवन में कार्यशील है। इसके अतिरिक्त नए भवन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत उक्त अस्पताल में दैनिक ओपीडी व बढ़ती तादाद के मद्देनजर बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि सरकाघाट अस्पताल में 4 विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, जिनमें 1 रेडियोलॉजिस्ट, 1 ईएनटी विशेषज्ञ और 1 स्त्री रोग विशेषज्ञ व 1 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा 7 पद लगभग 2-2 वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। दलीप ठाकुर ने विधानसभा में कहा कि अस्पताल में प्रतिदिन 400 से अधिक ओपीडी होती है और वर्तमान में अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते रोगियों को घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। प्रदेश सरकार ने विधायक को यह भी बताया कि अस्पताल से सात डॉक्टरों के तबादले हुए हैं और उनकी जगह कोई भी डॉक्टर नहीं आया है, लेकिन सरकार ने विधायक दलीप ठाकुर को बताया कि शीघ्र ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्ति दी जाएगी। अस्पताल में चल रहे विशेषज्ञों के रिक्त पदों की वजह से लोगों को मंडी, हमीरपुर या बिलासपुर स्थित एम्स का रुख करना पड़ता है। हजारों की आबादी इससे प्रभावित होती है। आमजन पहले भी सरकार व विभाग के समक्ष इस समस्या को विभिन्न मंचों के माध्यम से उठा चुका है, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार चिकित्सकों को नियुक्त नहीं दे पाई।
जंग खा रहे हैं ऑपरेशन थिएटर में औजार
एनेस्थीसिया और सर्जन ना होने के चलते सरकाघाट अस्पताल में बना ऑपरेशन थिएटर वर्षों से वीरान पड़ा है। यहां पर लाखों रुपए के खरीदे गए हजार पड़े पड़े जंग खा रहे हैं। बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के इस ऑपरेशन थिएटर का कोई भी काम नहीं है और महज सफेद हाथी साबित हो रहा है।
2 सालों से अस्पताल भवन का काम बंद
जर्जर और पुराने अस्पताल भवन को नई ओपीडी ब्लॉक में शिफ्ट करने के लिए बनाए जा रहे सात मंजिला आधुनिक अस्पताल भवन का काम पिछले 2 सालों से बंद पड़ा है। ठेकेदार ने पैसों का भुगतान न होने के कारण मशीनरी भी यहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर दी है। अस्पताल का बंद पड़ा निर्माण सत्ता के कार्यकर्ताओं का मुंह चिढ़ा रहा है।












