विधानसभा में बल्ह घाटी सिंचाई योजना पर हंगामा, इंद्र सिंह गांधी ने सरकार पर गलत जानकारी देने का लगाया आरोप
विधानसभा सत्र के दौरान बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने जल शक्ति विभाग पर सदन को झूठे आंकड़े पेश कर गुमराह करने का आरोप जड़ा है। विधायक इंद्र सिंह गांधी ने प्रश्न संख्या 1061 में बल्ह घाटी मध्यम सिंचाई परियोजना (राइट बैंक) को लेकर विभाग से प्रश्न पूछा था जिसमें विभाग के बग्गी डिवीजन की ओर से इस योजना के तहत बीबीएमबी नहर से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित मलवाणा गांव तक पानी की आपूर्ति कर किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया करवाने की सदन को जानकारी दी। जिस पर आपत्ति दायर करते हुए विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि इस योजना के तहत सकरोहा गागल तक ही किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग झूठे आंकड़े पेश कर सदन को गुमराह कर रहा है। उन्होंने सरकार से करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई इस परियोजना के माध्यम से मलवाणा व भड़याल के अंतिम छोर तक सभी किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया करवाने की मांग की। इंद्र सिंह गांधी ने 41 करोड़ 81 लाख रुपए की एशियन डेवलपमेंट बैंक की योजना के तहत ऊपरी बल्ह रिवालसर के लिए बनाई जा रही उठाउ पेयजल योजना के तहत हल्यातर, बुराहली व गजरेहडा गांव को भी जोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोडो रुपए की इस योजना का विभाग के मुताबिक 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है मगर क्षेत्र के यह गांव अभी भी इस पेयजल योजना के दायरे से बाहर है। ग्रामीणों को जिस योजना के तहत पानी मिल रहा है उसकी पाइपलाइन बहुत पुरानी है। उन्होंने कहा कि इन गांवों को पेयजल सुविधा मुहैया करवाने के लिए पूर्व सरकार के वक्त सर्वे हो चुका है। उन्होंने प्रदेश सरकार से उपरोक्त गांव को एनडीवी योजना के तहत पेयजल सुविधा मुहैया करवाने की मांग की। वही विधायक ने नाबार्ड के तहत जल शक्ति विभाग द्वारा बनाई गई बहाव सिंचाई योजना ढांगू कुहल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ढांगू कुहल के निर्माण व सुधार कार्यों को कई बार कागजों में दर्शाकर इस पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। मगर धरातल पर इस कुहल की हालत बहुत ही खराब है। इसकी विभाग कोई शुद्ध नहीं ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में त्रासदी के समय इसकी मरम्मत के लिए जो धनराशि स्वीकृत हुई थी उसकी राजनीतिक इशारे पर बंदरबांट की गई। कुहल के सुधार के लिए कोई काम नहीं किया गया जिससे इस कुहल में गाद भरी हुई है। उन्होंने कहा कि जिस ढंग गांव के नाम पर इस कुहल का निर्माण किया गया है इस गांव के किसानों के खेतों में ही सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच रहा है। बावजूद इसके यहां के किसानों से मामला बसूला जा रहा है यह सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।












