हर फील्ड में हाथों के हुनर से खत्म होगी बेरोजगारी की समस्या: अंशुल मल्होत्रा
राष्ट्रपति के हाथों नारी शक्ति अवॉर्ड से सम्मानित टैक्सटाइल इंजीनियर अंशुल मल्होत्रा विभिन्न जिलों के बुनकरों को उनके घर-द्वार पर ही ताना-बाना लगाकर देने के अलावा बुनकरों को डिजाइन उपलब्घ करवाती हैं। ग्रामीण बुनकरों के बनाए उत्पादों को उनके घरों से ही एकत्रित बाजार में लाया जाता है। काम करने वाले बुनकारों में अधिकांश महिला बुनकर हैं, जो परिवार में बच्चों, बुजुर्गों की देखभाल के साथ ही खेती-बाड़ी, पशुपालन आदि कार्यों को पूरा करने के अतिरिक्त घर पर बुनाई कार्य भी कर रही हैं। कृष्णा वूल को अपने बेहतर उत्पादों के लिए सूरज कुंड मेले में दो मर्तबा कला मनी और एक बार कला निधि अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा कृष्णा वूल ने हैंड स्पीनिंग तथा डिजाइनिंग में मेक इन इंडिया के तहत 'जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट' में हिमाचल के लिए प्रथम पुरस्कार हासिल किया है, जिससे न केवल हिमाचल के ऊनी उत्पादों को बाजार में लोकप्रियता मिली, बल्कि युवा बुनकरों को प्रोत्साहन भी मिला।
ग्रामीण बुनकरों को कर रही आत्मनिर्भर
आज हथकरघा उद्योग को बड़ा बाजार देने वाले परिवार की तीसरी पीढ़ी मंडी टैक्सटाइल इंजीनियर अंशुल मल्होत्रा कई ग्रामीण बुनकारों को जीवन यापन का ताना-बाना सीखा रही हैं। अंशुल ने अपने दादा और पिता से विरासत के रूप में प्राप्त हुनर से आज हथकरघा उद्योग में नाम कमाया है। वर्ष 2012 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों से शिल्प गुरु अवॉर्ड से सम्मानित पिता ओम प्रकाश मल्होत्रा के सहयोग से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हुईं, बल्कि अनेक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया और कृष्णा बूल के बैनर तले लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर, मंडी के बुनकरों के साथ जुड़ कर अपने सपनों को उड़ान दी। आज 12 देशों में इनका बनाया उत्पाद बेचा जा रहा है।
12 देशों के लिए एक्सपोर्ट हो रहे उत्पाद
अंशुल मल्होत्रा का कहना है कि बुनकर होना अपने आप में संस्कृति व विरासत से जुड़ा एक बहुत बड़ा हुनर और कमाई का जरिया है। ग्रामीण युवाओं के इस क्षेत्र से जुड़ने से न केवल इस पारंपारिक कौशल को विस्तार व संरक्षण मिलेगा। मल्हौत्रा ने बताया कि पशमीना, अंगोरा वूल तथा भेड़ की ऊन, नेचुरल डाई, नेचुरल फाईबर पर आधारित होने के कारण उनके यहां बने ऊनी उत्पाद सीधे 12 देशों के लिए एक्सपोर्ट हो रहे हैं, जिसका लाभ ग्रामीण बुनकरों को मिल रहा है।












